~World Circular Economy Forum 2026 begins in Gandhinagar with participants from 66 countries, focusing on recycling, resource efficiency and sustainable economic growth.

Gandhinagar, Gujarat, Sep 15 (VNI): गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के करकमलों से तथा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की विशेष उपस्थिति में मंगलवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्लूसीईएफ) 2026’ के 10वें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हो रहे इस चार दिवसीय वैश्विक फोरम में 66 देशों के 2,000 से अधिक हितधारक, वैज्ञानिक और उद्यमी भाग ले रहे हैं। फोरम में उत्सर्जन कम करने, सर्कुलर बिजनेस मॉडल अपनाने, संसाधन दक्षता और टिकाऊ आर्थिक विकास को गति देने पर मंथन होगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि गुजरात की धरती पर ऐसी वैश्विक चिंतन यात्रा का आरंभ हो रहा है, जो केवल अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करने की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है और गुजरात ने औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, कचरा एवं जल प्रबंधन तथा संसाधन कार्यक्षमता के क्षेत्र में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करने के लिए अनेक पहल की हैं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि फूल, बिल्वपत्र और जैविक कचरे से खाद तथा प्लास्टिक कचरे से पेवर ब्लॉक तैयार किए जा रहे हैं, जो सर्कुलर इकोनॉमी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी केवल कचरे के निपटान या रीसाइक्लिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि संसाधनों के पूरे जीवनचक्र, डिजाइन, उत्पादन, उपभोग, पुनः उपयोग, मरम्मत और पुनः उत्पादन को अधिक कार्यक्षम एवं टिकाऊ बनाने की व्यापक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि भारत में प्लास्टिक, ई-वेस्ट, बैटरी, स्क्रैप मेटल तथा निर्माण एवं विध्वंस कचरे के प्रबंधन के लिए एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। सर्कुलर इकोनॉमी की सफलता इस बात से तय होगी कि कितने कम संसाधन व्यर्थ गए और कितने संसाधनों का पुनः उपयोग कर आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया गया।
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि वर्ष 2050 तक भारत की सर्कुलर इकोनॉमी का बाजार मूल्य 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक होने तथा करीब एक करोड़ रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि गुजरात में 1,242 रीसाइक्लिंग सुविधाएं और 19 कोर प्रोसेसिंग यूनिट हैं तथा पिछले वर्ष राज्य में लगभग 63 प्रतिशत कचरे की रीसाइक्लिंग हुई। गुजरात में 41 ई-वेस्ट रीसाइक्लर्स और 12 रिफर्बिशर्स भी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और निवेश-अनुकूल शासन के कारण गुजरात सर्कुलर इकोनॉमी के वैश्विक हब के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने 125 से अधिक स्टॉल वाले ‘सर्कुलरिटी एक्सपो’ का उद्घाटन कर निरीक्षण किया, जिसमें ग्रीन इनोवेशन, वेस्ट-टू-वेल्थ मॉडल और रीसाइक्लिंग तकनीकों को प्रदर्शित किया गया है। नीदरलैंड और फिनलैंड के प्रतिनिधियों ने भी वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गुजरात सरकार, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनिश इनोवेशन फंड ‘सिट्रा’ तथा फिनलैंड सरकार के संयुक्त उपक्रम से आयोजित यह फोरम 18 सितंबर तक चलेगा। VNI NEWS, World Circular Economy Forum, WCEF 2026, Gandhinagar, Gujarat, Bhupendra Patel, Bhupender Yadav, Circular Economy, Recycling, Sustainability, Waste Management, World Circular Economy Forum 2026, WCEF 2026 Gandhinagar, Gujarat Circular Economy, Circular Economy India, Bhupendra Patel, Bhupender Yadav

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