~Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel launches Gujarat Cultural Elocution Competition 2026 to promote cultural values, character building, confidence and leadership among youth.
Gandhinagar, Gujarat, Sep 28 h((VNI): गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को गांधीनगर से गुजरात सांस्कृतिक वक्तृत्व प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाशक्ति में संस्कृति के प्रति आदर जगाकर चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में योगदान का सक्षम मंच है। राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग और सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के संयुक्त उपक्रम से आयोजित इस राज्यव्यापी प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा, राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा तथा सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के संस्थापक एवं वरिष्ठ पत्रकार उदय माहुरकर भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत@2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में युवाशक्ति की निर्णायक भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में उपलब्ध युवाधन में ज्ञान के साथ श्रेष्ठ चरित्र, विनय, विवेक, सुशीलता और संस्कारों का सिंचन करना हमारी जिम्मेदारी है और यह वर्तमान समय की मांग भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बनाई गई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के फ्रेमवर्क में भी मूल्यनिष्ठ शिक्षा की सिफारिश की गई है।
श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार पाठ्यक्रमों में परिवर्तन लाकर बच्चों और युवाओं में संस्कृति को जीवंत बनाए रखने तथा युवाधन को व्यसनों से मुक्त रखने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने युवाशक्ति को खेलकूद और स्वास्थ्य की ओर बढ़ने तथा नशामुक्त भारत बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी वक्तृत्व प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं में वैचारिक संस्कृति और आत्मविश्वास का सिंचन किया जा सकता है।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का संवर्धन करने के साथ वक्तृत्व, विचारशक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का विकास करना है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सेमिनार तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। इनमें वक्तृत्व कला, नेतृत्व, सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
प्रतियोगिता चार प्रमुख चरणों में आयोजित होगी। कक्षा स्तर पर प्रत्येक कक्षा में तीन मिनट का स्क्रीनिंग राउंड होगा, जिसमें प्रत्येक कक्षा से तीन विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके बाद महाविद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता होगी। सरकारी, अनुदानित और स्वनिर्भर महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में 1 जनवरी 2000 के बाद जन्मे विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक फैकल्टी से एक विद्यार्थी का चयन जोनल स्तर के लिए किया जाएगा। महाविद्यालय स्तर के प्रथम विजेता को 1,100 रुपए, बेस्ट स्पीकर ऑफ कॉलेज की ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
जोनल स्तर पर कुल 11 जोन में प्रतियोगिता होगी, जिसमें प्रतियोगियों में से 20 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन राज्य स्तरीय फाइनल के लिए किया जाएगा। चयनित प्रत्येक विद्यार्थी को 11,000 रुपए तथा सांस्कृतिक स्पीकर ऑफ गुजरात की ट्रॉफी और प्रमाणपत्र दिया जाएगा। राज्य स्तरीय फाइनल राउंड शिविर के रूप में आयोजित होगा, जिसमें चयनित विद्यार्थी निर्धारित विषयों पर वक्तव्य और चर्चा में भाग लेंगे। राज्य स्तरीय फाइनल में प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 71 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 51 हजार रुपए रखा गया है। इसके अलावा बेस्ट सांस्कृतिक स्पीकर ऑफ गुजरात की ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
वक्तृत्व प्रतियोगिता के प्रमुख विषयों में नशामुक्त भारत अभियान एवं स्वच्छ साइबर भारत मिशन, विकसित भारत@2047 : आत्मनिर्भर भारत, संस्कृति और संस्कार : राष्ट्र के अस्तित्व का आधार, कड़वे फल हैं क्रोध के तथा भारतीय नागरिक के रूप में कर्तव्य : संविधान के अनुच्छेद 51(क) को शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार, जीएसवीएस-2026 केवल वक्तृत्व प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाशक्ति में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की भावना के संवर्धन का व्यापक अभियान है।
शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने प्रतियोगियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत बनाने का दायित्व युवाशक्ति के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि वक्तृत्व प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं में विचारों की अभिव्यक्ति के साथ आत्मविश्वास का भी विकास होगा, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरक शक्ति बनेगा। एनईपी में भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़ने के लिए मातृभाषा शिक्षा की हिमायत करते हुए उन्होंने कहा कि मातृभाषा के माध्यम से विद्यार्थी मातृभूमि की जड़ों से जुड़ा रहता है।
शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकमभाई छांगा ने स्वागत संबोधन में सभी का स्वागत किया और अपेक्षा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में यह प्रतियोगिता राज्य के युवाओं में संस्कार सिंचन का महाकुंभ बनेगी। सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के संस्थापक एवं भारत सरकार के पूर्व आरटीआई आयुक्त उदय माहुरकर ने आधुनिक दौर में पश्चिमी संस्कृति के अंधानुकरण के बीच युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक मूल्यों को पुनः जागृत करने के अभियान को राष्ट्र निर्माण का विराट कार्य बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्याप्त विकृतियों के बीच युवाओं को संस्कृति और चरित्र निर्माण की ओर मोड़ने के लिए फाउंडेशन ऐसे आयोजनों को व्यापक स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर युवा जैनाचार्य महर्षि विजयजी महाराज, पूज्य ब्रह्म विहारी स्वामी और पूज्य रमेशभाई ओझा के शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुए। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार, उच्च शिक्षा आयुक्त दिलीप राणा, केसीजी के जॉइंट सीईओ योगेश यादव और सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के संयोजक अभय शाह सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे। VNI NEWS, Bhupendra Patel, Gujarat Cultural Elocution Competition 2026, GSVC 2026, Gujarat Government, Higher Education Department, youth, cultural values, elocution competition, character building, Gujara,Gujarat Cultural Elocution Competition 2026, Bhupendra Patel, GSVC 2026, Gujarat youth cultural competition, VNINews, VNINews.com
