Pali, Rajasthan, March 01, राजस्थान के पाली जिला के तखतगढ़ शहर में जैन आचार्य रश्मिरत्न सूरी का 14 साल बाद जन्मभूमि में आगमन पर भव्य सामैया हुआ ।
451 दीक्षा दानेश्वरी आचार्य गुणरत्नसूरिश्वर महाराज साहब के आजीवन चरणोंपासक 500 श्रमनीगणनायक तखतगढ़ नंदन आचार्य श्री रश्मिरत्नसूरीश्वर जी महाराज साहब का 14 साल बाद जन्मभूमि में आगमन पर भव्य सामैया हुआ । साथ में पन्यास जितरत्न विजयजी तपस्वी जिनगुणरत्न विजयजी मुनि हेमविमलरत्न विजयजी व बाल्दिया परिवार के कुलदीपक मुनि ज्ञानविमलरत्न विजयजी एवं प्रवर्तनी पुण्यरेखाजी के शिष्य साध्वी हितेशरेखाजी पधारी।
सामैया बस स्टैंड से प्रारंभ होकर बड़े आदेश्वरजी व छोटे आदेश्वरजी के दर्शन कर चरित्र चंपालाल बाल्दिया के निवास स्थान पर पगले हुए । वहां से जैन उपाश्रय में पधारे । वहा जैन आचार्य ने फागणफेरी की शत्रुंजय पट के सामने भाव यात्रा कराई । आज के दिन शांब – प्रद्युमन के साढे आठ करोड मुनियो के साथ मोक्ष में जाने के उपलक्ष में शत्रुंजय तीर्थ पहाड़ के ढेबरीये मेले में लाखों लोग पूरे विश्व से जुड़ते हैं।
श्री जैन संघ ने तखतगढ नंदन तीन जैनाचार्य श्री पुण्यरत्नसूरीश्वर , श्री यशोरत्नसूरीश्वर , श्री रश्मिरत्नसुरीश्वर के संयम जीवन के अर्धशताब्दी स्वर्ण जयंती निमित सोमवार को वाजते-गाजते शास्त्रीय सामयिक का आयोजन राजस्थान के इतिहास में पहली बार किया जा रहा है। दोपहर को चौमासी देववंदन व सायं चौमासी प्रतिक्रमण कराया जाएगा । तीन व चार मार्च को पादरली गांव में जन्मभूमि ट्रस्ट द्वारा श्री गुणरत्नसूरीश्वर गुरुमूर्ति प्रतिष्ठा की जाएगी।
