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New Delhi, Apr 02, भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (Ind-Aus ECTA) आज हस्ताक्षर की तीसरी वर्षगांठ मना रहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ाया है। 2 अप्रैल 2022 को समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद से, इसने मजबूत व्यापार के लिए रास्ते बनाए हैं, जिससे दोनों देशों में व्यवसायों, उद्यमियों और रोजगार के लिए नए रास्ते खुल गए हैं।
ईसीटीए पर हस्ताक्षर करने के साथ, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने नए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा दिया है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की पूरक शक्तियों को रेखांकित करता है। समझौते पर हस्ताक्षर और कार्यान्वयन के बाद, 2023-24 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 24 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो 2022-23 की तुलना में ऑस्ट्रेलिया को भारत के निर्यात में 14% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। यह सकारात्मक गति चालू वित्त वर्ष में भी जारी है। अप्रैल 2024-फरवरी 2025 के दौरान भारत से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात में अप्रैल 2023-फरवरी 2024 की समान अवधि की तुलना में 4.4% की वृद्धि हुई है।
ईसीटीए ने कई क्षेत्रों खास तौर पर कपड़ा, दवा, रसायन और कृषि में ठोस लाभ पहुँचाए हैं। कैल्सिनेटेड पेट्रोलियम कोक, हाई-कैपेसिटी डीजल जेनरेटिंग सेट और एयर लिक्विफैक्शन मशीनरी जैसी नई लाइनों पर निर्यात, समझौते द्वारा सुगम बनाए गए व्यापार अवसरों के विस्तार को दर्शाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भविष्य के निर्यात की महत्वपूर्ण संभावनाएँ हैं, जो आगे विकास और नवाचार के लिए आशाजनक संभावनाएँ प्रदान करते हैं।
धातु अयस्क, कपास, लकड़ी और लकड़ी के उत्पादों जैसे प्रमुख कच्चे माल के आयात ने भारतीय उद्योगों के विकास का समर्थन किया है। इससे साझेदारी की पारस्परिक रूप से लाभकारी और पूरक प्रकृति मजबूत हुई है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी और भी अधिक विकास के लिए तैयार है। ईसीटीए अपनी तीसरी वर्षगांठ मना रहा है। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने आर्थिक संबंधों को गहरा करने, आपसी समृद्धि को बढ़ावा देने और मजबूत एवं अधिक लचीली वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान देने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

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