Spread the love

Mumbai, Maharashtra, Mar 22, भारत की समृद्ध “धरोहर” पर नवसृजित विशेष काव्यात्मक वीडियो का “विश्व कविता दिवस” पर अंतर्राष्ट्रीय लोकार्पण हुआ ।
महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के कार्यकारी सदस्य तथा मीडिया एवं जनसमपर्क सलाहकार गजानन महतपुरकर ने आज बताया कि भारत की अनमोल और समृद्ध धरोहर के विभिन्न गौरवशाली पहलुओं की शानदार अभिव्यक्ति करने वाले विशेष काव्यात्मक वीडियो का अंतर्राष्ट्रीय लोकार्पण शुक्रवार, 21 मार्च, 2025 को विश्व कविता दिवस के अवसर पर करके एक अनूठी सृजनात्मक पहल सुनिश्चित की गई।
यह अद्भुत पहल पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय हो चुके सोशल मीडिया के सबसे सशक्त प्लेटफॉर्म यू-ट्यूब पर एक सुरुचिपूर्ण चैनल “द यश मंगलम शो-2025” के अंतर्गत की गई है, जो अपने अलहदा कंटेंट और प्रस्तुतीकरण के अनूठे अंदाज़ के लिए काफी लोकप्रिय है और व्यापक तौर पर सराहा जाता रहा है। इस शो के प्रस्तुतकर्ता यश मंगलम की उम्र सिर्फ़ 14 साल है और इतनी कम आयु में उनकी असरदार आवाज़ और पेशकश की शैली सभी दर्शकों को सम्मोहित करती है। यश देश के जाने-माने फिल्म एवं संगीत वीडियो निर्देशक तथा एडिटर अनुपम मंगलम और मशहूर कॉस्ट्यूम डिजाइनर कला मंगलम के सुपुत्र हैं। इसलिए यश को सृजनशीलता की दौलत पारिवारिक विरासत में मिली है।
इस विशेष काव्यात्मक रचना के भावपूर्ण बोल मुंबई के सुपरिचित गीतकार, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के कार्यकारी सदस्य तथा मीडिया एवं जनसमपर्क सलाहकार गजानन महतपुरकर ने लिखे हैं, जिनमें भारत की गौरवशाली परम्पराओं के साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहर की सुंदरता एवं गरिमा को बखूबी पिरोया गया है। गजानन महतपुरकर के लिखे तीन गीत “दुनिया को पहचान ले बेटा”, “श्रीराम मंगलगान” और “कमल फुलणार” पहले ही यू-ट्यूब पर धूम मचा चुके हैं। पहला गीत “ऑडियो करी” द्वारा रिलीज़ किया गया था, जबकि “श्रीराम मंगलगान” के सुमधुर भक्ति गीत का निर्माण मुंबई के प्रिंटोग्राफी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन गिरीश भाई शाह द्वारा नीलाक्षी एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया गया। मशहूर संगीतकार सरोज सुमन द्वारा स्वरबद्ध यह गीत स्वयं सरोज के साथ बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुश्री सुवर्णा तिवारी ने अपने मधुरिम सुरों से सजाया। इस गीत के वीडियो में भी निर्देशक और एडिटर की भूमिका अनुपम मंगलम ने बखूबी निभाई।
इसके अलावा गजानन महतपुरकर द्वारा पिछले दिनों महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के लिए लिखे गये मराठी गीत “गल्लो-गल्ली कमल फुलणार” को सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका पद्म डॉ. सोमा घोष ने स्वरबद्ध कर अपनी शानदार आवाज़ से सजाया। इस चुनाव प्रचार गीत ने यू-ट्यूब, फेसबुक और पूरे महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियानों में जमकर धूम मचाई। फिर जब चुनाव परिणाम घोषित हुए, तो महाराष्ट्र की गली -गली में सचमुच कमल खिला और भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलकर देवेन्द्र फडणवीस एक बार फिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।
इसी क्रम में अब एक बार फिर नवीनतम “धरोहर – ए पोएटिक सागा ऑफ भारत” के ज़रिये गजानन महतपुरकर की लेखनी और अनुपम मंगलम के निर्देशन का कमाल यू-ट्यूब पर लोकप्रिय हो रहा है। इस नवसृजित वीडियो में वीडियोग्राफी संजय वैष्णव, वी एफ एक्स संयोजन गिनीलाल सालुंके और कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग कला मंगलम द्वारा सुनिश्चित की गई है। इसकी कार्यकारी निर्माता दीपशिखा चौधरी हैं। पोस्ट प्रोडक्शन वाइब्रेशन्स मीडिया वर्क्स, मुंबई ने किया है। इस विशेष काव्यात्मक वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और इसकी विलक्षण गुणवत्ता को बड़े पैमाने पर सराहा जा रहा है।
इस वीडियो की शुरुआती पंक्तियाॅं कुछ इस तरह रची गई हैं। ‘धरोहर’ है दुनिया की अनमोल दौलत, हृदयस्पर्शी स्मृतियों का दुर्लभ ख़ज़ाना, इतिहास बसता है दामन में इसके, दिल में धड़कता है गुज़रा ज़माना, ‘धरोहर’ है आधार हर संस्कृति का, ‘धरोहर’ है हर राष्ट्र का स्वाभिमान, चलो हम शपथ लें कि ऊँची रखेंगे, सदा हर ‘धरोहर’ की आन-बान-शान…।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *