~पीडीईयू गांधीनगर में सीक्वेंस 2026 समिट में सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन पर चर्चा हुई।
Gandhinagar, Gujarat, Aug 24 (VNI): पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी (पीडीईयू), गांधीनगर में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन जैसे वैश्विक महत्व के विषयों पर ‘समिट ऑफ द फ्यूचर : सीक्वेंस 2026’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)–क्वांटम कंप्यूटिंग’ का विधिवत शुभारंभ किया गया तथा इससे संबंधित विशेष वीडियो भी जारी किया गया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन कैबिनेट मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि गुजरात ने केमिकल, टेक्सटाइल, डायमंड और लॉजिस्टिक्स जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना से राज्य में ‘सनराइज सेक्टर्स’ के विकास की मजबूत नींव रखी गई। इसके परिणामस्वरूप पिछले डेढ़ दशक में गुजरात ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देशभर में स्वीकृत 12 निवेश प्रस्तावों में से छह प्लांट गुजरात में स्थापित हो रहे हैं। केन्स सेमिकॉन और सीजी सेमी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स तेजी से आकार ले रहे हैं और आगामी एक वर्ष में इनके उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस और चंद्रयान-3 की सफलता का उल्लेख करते हुए मोढवाडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रोत्साहक नीतियों के कारण देश में 350 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स संचालित हो रहे हैं। अहमदाबाद के निकट साणंद में गुजरात स्पेस पार्क विकसित हो रहा है, जहां अजिस्टा स्पेस द्वारा छोटे उपग्रहों के निर्माण के लिए अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। उन्होंने युवाओं से टेक्नोलॉजी के उपयोगकर्ता के साथ-साथ शोधकर्ता, सर्जक और उद्यमी बनने का आह्वान करते हुए देश-विदेश के उद्यमियों और स्टार्टअप्स को गुजरात में अपना आधार स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने पीडीईयू में जल्द ही अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन क्लाइमेट एक्शन’ शुरू करने की घोषणा भी की।
भारत में ताइवान के प्रतिनिधि डॉ. मु-मिन चेन ने कहा कि सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद ताइवान ने अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के बल पर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत और ताइवान के बीच तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। वर्तमान में करीब 350 ताइवानी कंपनियों ने भारत में छह अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात अब सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण उद्योगों के निवेश के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। ताइवान भारतीय विद्यार्थियों, प्रोफेसरों और अग्रणी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा संयुक्त अनुसंधान को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए शिक्षा जगत और उद्योगों का साथ मिलकर काम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनना होगा। साथ ही प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पीडीईयू के महानिदेशक डॉ. एस. सुंदर मनोहर ने कहा कि ‘सीक्वेंस 2026’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘नया भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत समन्वय को आवश्यक बताते हुए कहा कि पीडीईयू ने शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करने के लिए स्वयं को ‘इंडस्ट्री हब’ के रूप में विकसित किया है। इसमें सोलर पैनल उत्पादन तथा माइक्रोन के सहयोग से सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अत्याधुनिक एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग) प्रशिक्षण सुविधा जैसी पहल शामिल हैं।
समिट के दौरान क्यूपीआई के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. नागेंद्र नागराजा ने क्वांटम कंप्यूटिंग के भविष्य और केन्स सेमिकॉन के ऑपरेशन हेड पॉल इलांगोवन ने भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास पर जानकारी साझा की। शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पीडीईयू ने क्यूपीआई, स्पेस सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स, यूनिवर्सिटास जेम्बर-इंडोनेशिया, ओइजोम इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर, नाइपर-अहमदाबाद और ओएनजीसी ग्रीन लिमिटेड के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। कार्यक्रम में संबंधित विषय पर विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया। घाना, मोजाम्बिक, यूएस कॉन्सुलेट और ब्रिटिश एम्बेसी के प्रतिनिधियों के साथ 50 से अधिक अग्रणी उद्योगपति एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। VNI NEWS, PDEU, Gandhinagar, Sequence 2026, Semiconductor, Quantum Computing, Gujarat Technology, Space Technology, Climate Action, Renewable Energy, Arjun Modhwadia, Taiwan Technology, PDEU Gandhinagar, Sequence 2026 Summit, Quantum Computing Centre of Excellence, Gujarat Semiconductor Ecosystem, VNINews, VNINews.com
