~Senior tea industry leader Piyushbhai Desai, Chairman of Wagh Bakri Tea Group, passes away; his six-decade contribution to the tea industry and society will be remembered.

Ahmedabad, Gujarat, Sep 19 (VNI): भारतीय चाय उद्योग के वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तित्व तथा वाघ बकरी टी ग्रुप के चेयरमैन पीयूषभाई देसाई का चाय उद्योग और समाज के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। 15 सितंबर 2026 को उनके निधन से भारतीय चाय उद्योग ने अपने एक अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को खो दिया।
श्री पीयूषभाई देसाई छह दशकों से अधिक समय तक चाय व्यापार से जुड़े रहे। अपनी बेजोड़ परख, गहरे अनुभव और सिद्धांतों के प्रति दृढ़ता के लिए पहचाने जाने वाले श्री पीयूषभाई ने वाघ बकरी टी ग्रुप को गुजरात से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक कुशल टी टेस्टर और चाय के पारखी के रूप में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था। उनके लिए कारोबार केवल विस्तार या बड़ा बनने का माध्यम नहीं था, बल्कि गुणवत्ता से समझौता न करना, रिश्तों को महत्व देना, ईमानदारी से काम करना और अपने साथ जुड़े लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था।
श्री पीयूषभाई देसाई का मानना था कि व्यवसाय की समाज और उससे जुड़े सभी हितधारकों के प्रति जिम्मेदारी होती है। उनका दृष्टिकोण केवल व्यावसायिक विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि संपूर्ण चाय उद्योग के समग्र विकास पर केंद्रित था। वे चाहते थे कि चाय उत्पादक, किसान, श्रमिक, व्यापारी, कर्मचारी और उपभोक्ता सभी साथ-साथ आगे बढ़ें और विकास का लाभ प्राप्त करें।
चाय व्यापार से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने और उनके हितों के लिए काम करने में भी श्री पीयूषभाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे गुजरात टी ट्रेडर्स एसोसिएशन (GTTA), वेस्टर्न इंडिया टी डीलर्स एसोसिएशन (WITDA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया टी ट्रेडर्स एसोसिएशंस (FAITTA) के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। वे GTTA के पहले अध्यक्ष भी रहे और गुजरात के चाय व्यापार जगत को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई। चाय के क्षेत्र में उनके दशकों के योगदान और गहरी समझ को देखते हुए इसी वर्ष नॉर्थ ईस्टर्न टी एसोसिएशन ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
व्यवसाय के साथ-साथ श्री पीयूषभाई देसाई का जीवन समाजसेवा और शिक्षा से भी गहराई से जुड़ा रहा। गांधीवादी विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने गुजरात विद्यापीठ के साथ मिलकर काम किया और उसके प्रयासों में सहयोग दिया। उस समय नारणभाई देसाई, जो महात्मा गांधीजी के निजी सचिव रहे श्री महादेवभाई देसाई के पुत्र थे, गुजरात विद्यापीठ के कुलाधिपति थे। श्री पीयूषभाई ने करीब दो वर्षों तक ब्लाइंड पीपल्स एसोसिएशन (इंडिया) के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। वे सद्विचार परिवार के ट्रस्टी रहे और उसकी विभिन्न सामाजिक पहलों में सक्रिय योगदान देते रहे।
“समाज को वापस देना” देसाई परिवार की विरासत में मिले संस्कारों और जीवन-मूल्यों का अभिन्न हिस्सा रहा। श्री पीयूषभाई देसाई ने इस भावना को अपने जीवन में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनाया तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को लगन एवं समर्पण के साथ निभाया। शिक्षा, समाजसेवा और लोगों के लिए कुछ करने की भावना उनके व्यक्तित्व का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा थी, जितना चाय और कारोबार।
श्री पीयूषभाई कई दशकों तक वाघ बकरी टी ग्रुप के कामकाज से सीधे जुड़े रहे और वर्ष 2020 तक व्यवसाय में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए अपने वर्षों के अनुभव और उन सिद्धांतों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया, जिनके आधार पर उन्होंने व्यवसाय को मजबूत नींव प्रदान की थी।
उसी मजबूत नींव पर आगे बढ़ते हुए वाघ बकरी टी ग्रुप आज भारत में घर-घर पहचाना जाने वाला नाम है और 66 से अधिक देशों तक अपनी पहुंच बना चुका है। चाय की दुनिया श्री पीयूषभाई देसाई को एक बेहतरीन पारखी, दूरदर्शी उद्योगपति और संस्था निर्माता के रूप में याद रखेगी। उनका निधन एक युग का अंत है, जबकि गुणवत्ता, ईमानदारी, सेवा और सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की उनकी सोच उनकी सबसे महत्वपूर्ण विरासत के रूप में बनी रहेगी। VNI NEWS, Piyushbhai Desai, Wagh Bakri Tea Group, Indian Tea Industry, Tea Trade, GTTA, WITDA, FAITTA, Gujarat Tea Traders Association, Tea Industry Leader, Piyushbhai Desai Death, Piyushbhai Desai, Wagh Bakri Tea Group, Indian tea industry, Piyushbhai Desai contribution, tea industry leader, VNINews, VNINews.com

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