~Gujarat plans to strengthen its CCTV surveillance network through public participation to enhance crime prevention, detection and public safety across the state.

Gandhinagar, Gujarat, Sep 25 (VNI): गुजरात में सार्वजनिक सुरक्षा को और सुदृढ़ करने तथा अपराध की रोकथाम और त्वरित पहचान के लिए राज्य में सीसीटीवी सर्विलांस नेटवर्क को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक और मजबूत बनाया जाएगा। गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्रसिंह मलिक ने नागरिकों, रहवासी सोसायटियों और व्यापारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से राज्यभर में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।
डीजीपी कार्यालय के अनुसार, श्री मलिक के अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यकाल के दौरान वर्ष 2024 से 2026 के बीच नागरिकों, व्यापारी संगठनों और विभिन्न एसोसिएशनों के स्वैच्छिक सहयोग से 24 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। नागरिकों के इस सक्रिय सहयोग से अहमदाबाद शहर में अपराध की रोकथाम और विशेष रूप से अपराधों के डिटेक्शन में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। जनभागीदारी से तैयार हुआ यह मजबूत सीसीटीवी नेटवर्क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में प्रभावी साबित हुआ।
अहमदाबाद के इस सफल प्रयोग को अब पूरे गुजरात में लागू करने की दिशा में पहल की गई है। राज्य में वर्तमान में 3.88 लाख से अधिक निजी सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं, लेकिन सार्वजनिक मार्गों, पार्किंग क्षेत्रों तथा सोसायटियों के एंट्री-एग्जिट प्वाइंट को कवर करने वाले कैमरों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी नेटवर्क का दायरा जितना व्यापक और सुव्यवस्थित होगा, उसका लाभ नागरिकों की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में उतना ही अधिक मिलेगा।
इसी उद्देश्य से डीजीपी ज्ञानेंद्रसिंह मलिक ने सभी शहरों के पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय नागरिकों, रहवासी सोसायटियों और व्यापारी मंडलों के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद एवं बैठकें आयोजित करें तथा अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित करने का वातावरण तैयार करें। नागरिक जब अपनी सोसायटी या व्यावसायिक परिसर में सीसीटीवी लगाने की योजना बनाएं, तो कैमरों को केवल परिसर के अंदर तक सीमित रखने के बजाय मुख्य सड़क, पार्किंग और आवागमन के प्रमुख प्वाइंट्स को भी कवर करने पर ध्यान दें।
पुलिस के अनुसार, नाइट विजन क्षमता वाले तथा आधुनिक 4 मेगापिक्सल या उससे अधिक स्पष्टता वाले कैमरों के साथ पर्याप्त वीडियो बैकअप की व्यवस्था होने से रात के समय भी बेहतर सर्विलांस सुनिश्चित किया जा सकता है। राज्य स्तर पर इस जनजागरूकता अभियान के समन्वय और सुचारु कार्यान्वयन के लिए लॉ एंड ऑर्डर पुलिस महानिरीक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से स्वेच्छा से अपने परिसरों को सीसीटीवी नेटवर्क से सुरक्षित बनाने और पुलिस-जनता के सहयोग से ‘सुरक्षित गुजरात’ के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की है। VNI NEWS, Gujarat CCTV Network, Gujarat Police, DGP Gyanendra Singh Malik, CCTV Surveillance, Crime Prevention, Crime Detection, Public Safety, Safe Gujarat, Ahmedabad Police, Gujarat Law and Order, Gujarat CCTV network, CCTV surveillance in Gujarat, Gujarat Police CCTV, public safety Gujarat, crime prevention CCTV, VNINews, VNINews.com

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