~Gujarat government restructures Porbandar Forest Department to strengthen forest and wildlife management and facilitate Asiatic lion rehabilitation in Barda forest.

Gandhinagar, Gujarat, Sep 29 (VNI): गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बरडा जंगल में एशियाई शेरों के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए पोरबंदर वन विभाग के प्रशासनिक ढाँचे के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया और राज्य मंत्री प्रवीणभाई माल के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य पोरबंदर जिले में वन एवं पर्यावरण संबंधी समस्याओं के निवारण, वन विभाग की योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन तथा वन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। बरडा क्षेत्र में 143 वर्षों के बाद एशियाई शेरों के प्राकृतिक रूप से लौटने के बाद यह प्रशासनिक पुनर्गठन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन एवं पर्यावरण विभाग के आधिकारिक शासनादेश के अनुसार पुनर्गठन के तहत रेंज, बीट और अधिकारी स्तर पर जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है। पोरबंदर रेंज के अंतर्गत 6,840.84 हेक्टेयर क्षेत्र और 80 गाँव शामिल किए गए हैं, जिसे पोरबंदर सिटी, गोसाबारा, मोकर, विसावाडा, काँटेला, माधवपुर और सतिया सहित विभिन्न बीटों में व्यवस्थित किया गया है। वहीं राणावाव रेंज के अंतर्गत 13,051.25 हेक्टेयर क्षेत्र और 27 गाँव रखे गए हैं। नई व्यवस्था से वन संरक्षण, पेट्रोलिंग और अन्य मैदानी गतिविधियों के लिए क्षेत्रवार जिम्मेदारी अधिक स्पष्ट होगी।
पुनर्गठन के तहत जामनगर वन विभाग के अधीन आरएफडब्ल्यू भाटिया रेंज के 305.94 हेक्टेयर क्षेत्र को पोरबंदर वन विभाग की भाणवड रेंज में शामिल किया गया है। यह क्षेत्र देवभूमि द्वारका जिले की भाणवड तहसील के कंडारडा जोगणा, साजडियाळा, जुना और जंबूसर गाँवों में स्थित है। इसके अलावा कुतियाणा रेंज, पोरबंदर सामाजिक वनीकरण रेंज और राणावाव सामाजिक वनीकरण रेंज को भी पोरबंदर वन विभाग के अधीन किया गया है। इनके साथ संबंधित अधिकारी, स्टाफ, वाहन, हथियार, वॉकी-टॉकी, वायरलेस, रिकॉर्ड, कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य साधन-सामग्री का प्रशासनिक हस्तांतरण भी किया जाएगा।
नई व्यवस्था में पोरबंदर वन विभाग के अधीन दो सहायक वन संरक्षकों की व्यवस्था की गई है। सहायक वन संरक्षक-1 के अधीन पोरबंदर रेंज, पोरबंदर सामाजिक वनीकरण रेंज और राणावाव सामाजिक वनीकरण रेंज, जबकि सहायक वन संरक्षक-2 के अधीन राणावाव रेंज, भाणवड रेंज, कुतियाणा रेंज और मोबाइल स्क्वाड (टीए) रेंज रखी गई हैं। रेंजों की संख्या बढ़ने के कारण केवडिया में स्वीकृत सहायक वन संरक्षक के दो पदों में से एक रिक्त पद को पोरबंदर वन विभाग में हस्तांतरित करने का भी प्रावधान किया गया है। पुनर्गठन के बाद पोरबंदर वन विभाग जूनागढ़ वन्यजीव सर्किल के अधीन रहेगा और उप वन संरक्षक के नियंत्रण में दोनों सहायक वन संरक्षकों को अलग-अलग रेंज की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
शासनादेश के अनुसार यह पुनर्गठन प्रकाशित होने के साथ तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नई संरचना का उद्देश्य केवल रेंज और बीट की सीमाओं में बदलाव करना नहीं, बल्कि वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और मैदानी प्रशासन को आवश्यक मानवबल एवं साधनों के साथ अधिक सुव्यवस्थित करना है। विशेष रूप से बरडा क्षेत्र में एशियाई शेरों के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए रेंज-बीट की नई संरचना, क्षेत्रवार जिम्मेदारी, दो सहायक वन संरक्षकों की व्यवस्था तथा स्टाफ और संसाधनों के एकीकरण से पोरबंदर जिले के वन क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक आधार तैयार किया गया है। VNI NEWS, Porbandar Forest Department, Barda Forest, Asiatic Lions, Lion Rehabilitation, Gujarat Government, Bhupendra Patel, Arjunbhai Modhwadia, Pravinbhai Mal, Forest Department Restructuring, Wildlife Management, Gujarat Forest, Barda forest lion rehabilitation, Porbandar Forest Department restructuring, Asiatic lions in Barda, Gujarat forest administration, Barda lion rehabilitation project, VNINews, VNINews.com

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