~Postcard completes 157 years globally, recalling its historic journey from Austria in 1869 to India in 1879, says Postmaster General Krishna Kumar Yadav.

Ahmedabad, Gujarat, Oct 01 (VNI): उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि दुनिया में पहला पोस्टकार्ड एक अक्टूबर 1869 को ऑस्ट्रिया में जारी किया गया था और एक अक्टूबर 2026 को वैश्विक स्तर पर पोस्टकार्ड ने 157 वर्ष का सफर पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि पोस्टकार्ड केवल संदेश पहुंचाने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि भावनाओं और रिश्तों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम भी रहा है।
श्री यादव ने कहा कि घर के दरवाजे पर डाकिए की दस्तक और उसके हाथ में थमा पोस्टकार्ड कभी पूरे परिवार के लिए उत्सुकता का विषय हुआ करता था। पोस्टकार्ड पर लिखे कुछ शब्द दूर बैठे किसी अपने की आवाज जैसे लगते थे। समय के साथ टेलीफोन, मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने संदेशों को पलभर में पहुंचाना शुरू कर दिया, लेकिन पोस्टकार्ड की ऐतिहासिक और भावनात्मक स्मृति आज भी कायम है। तमाम राजनेताओं, साहित्यकारों और आंदोलनकारियों ने भी पोस्टकार्ड का बखूबी प्रयोग किया है।
पोस्टकार्ड के इतिहास के बारे में श्री यादव ने बताया कि इसका विचार सबसे पहले ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधि कोल्बेंस्टीनर के दिमाग में आया था। उन्होंने इस विचार के बारे में वीनर न्योस्टॉ में सैन्य अकादमी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. एमैनुएल हर्मेन को बताया। विचार से प्रभावित होकर डॉ. हर्मेन ने 26 जनवरी 1869 को एक अखबार में इसके बारे में लेख लिखा। ऑस्ट्रिया के डाक मंत्रालय ने इस विचार पर तेजी से काम किया और एक अक्टूबर 1869 को पोस्टकार्ड की पहली प्रति जारी की गई। दुनिया का पहला पोस्टकार्ड पीले रंग का था, जिसका आकार 122 मिलीमीटर लंबा और 85 मिलीमीटर चौड़ा था। इसके एक तरफ पता लिखने और दूसरी तरफ संदेश लिखने के लिए जगह थी।
भारत में डाक सेवाओं पर निरंतर अध्ययनरत एवं ‘इण्डिया पोस्ट : 150 ग्लोरियस ईयर्ज़’ के लेखक श्री यादव ने बताया कि भारत में पहला पोस्टकार्ड वर्ष 1879 में जारी किया गया। हल्के भूरे रंग में छपे इस पोस्टकार्ड की कीमत तीन पैसे थी और इस पर ‘ईस्ट इण्डिया पोस्टकार्ड’ अंकित था। बीच में ग्रेट ब्रिटेन का राजचिह्न और ऊपर दाएं कोने में लाल-भूरे रंग में ताज पहने महारानी विक्टोरिया की मुखाकृति मुद्रित थी। उन्होंने बताया कि पोस्टकार्ड लोगों को इतना पसंद आया कि वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में ही लगभग 7.5 लाख रुपये के पोस्टकार्ड बेचे गए थे।
उन्होंने बताया कि डाकघरों में अब तक मेघदूत पोस्टकार्ड, सामान्य पोस्टकार्ड, मुद्रित पोस्टकार्ड और प्रतियोगिता पोस्टकार्ड सहित चार प्रकार के पोस्टकार्ड उपलब्ध रहे हैं, जिनकी कीमत क्रमशः 25 पैसे, 50 पैसे, छह रुपये और 10 रुपये थी। 20 दिसंबर 2024 से इन सभी श्रेणियों को एकीकृत कर एकल ‘पोस्टकार्ड’ श्रेणी में शामिल कर दिया गया है।
श्री यादव ने बताया कि गुजरात के कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग के तत्वावधान में डाक विभाग के सहयोग से अक्टूबर 2025 में अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर अनूठे ‘धन्यवाद पोस्टकार्ड अभियान’ का आयोजन किया गया था। इस अभियान के तहत गुजरात के नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हुए 1.11 करोड़ से अधिक पोस्टकार्ड लिखे। यह अभियान पोस्टकार्ड की सामूहिक अभिव्यक्ति की क्षमता और जनभागीदारी का उल्लेखनीय उदाहरण बना। VNI NEWS, Postcard, Postcard History, Krishna Kumar Yadav, India Post, Postmaster General, Gujarat Post, Ahmedabad, Indian Postal Service, World Postcard Day, Postcard 157 Years, India Postcard 1879, Postcard completes 157 years, Postcard history, Krishna Kumar Yadav, India Postcard history World Postcard Day, First postcard in India, First postcard in the world, VNINews, VNINews.com

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