~Gujarat CM Bhupendra Patel inaugurates Ekta Prakash Parv 2026 at Ektanagar, showcasing India’s cultural heritage, national unity and modern development through spectacular light displays until January 15, 2027.
Ektanagar, Narmada, Gujarat, Oct 17 (VNI): गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को एकतानगर में ‘एकता प्रकाश पर्व-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। भारत की सांस्कृतिक विविधता, समृद्ध विरासत, राष्ट्रीय एकता और आधुनिक विकास को रोशनी की कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित करने वाला यह प्रकाशोत्सव स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 15 जनवरी, 2027 तक आयोजित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से निर्मित सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, के परिसर में आयोजित यह उत्सव भारत की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को एक अनूठे प्रकाशमय अनुभव के रूप में प्रस्तुत करेगा। सरदार पटेल के देश की एकता और अखंडता के लिए दिए गए अमूल्य योगदान को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर तथा केवड़िया का नामकरण एकतानगर किया गया है।
सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर आयोजित एकता परेड भी एकतानगर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। दीपोत्सव के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनते हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एकता दिवस, भारत पर्व और दीपोत्सव के आयोजनों को और अधिक भव्य बनाने के उद्देश्य से इस प्रकाशोत्सव का आयोजन किया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के एकता के मंत्र को साकार करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों को एकता के सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले नागरिकों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के लिए प्रत्येक राज्य की विशिष्ट कला, खेलकूद, खानपान और जीवनशैली को प्रकाश प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया है। इससे पर्यटकों को अन्य राज्यों की विशेषताओं को जानने और उनका आनंद लेने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ भारत की विविधता में निहित एकता का सुंदर प्रतिबिंब प्रस्तुत करेगा।
एकतानगर में लगभग 7.6 किलोमीटर के क्षेत्र में थीम आधारित लाइटिंग और इल्युमिनेशन की व्यवस्था की गई है। इनडोर और आउटडोर, दो विभागों में आयोजित यह प्रकाशोत्सव पर्यटकों को भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति से लेकर आधुनिक तकनीक और विकास तक की अनूठी यात्रा का अनुभव कराएगा।
प्रकाशोत्सव के इनडोर विभाग में उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के चार क्षेत्रीय जोन बनाए गए हैं, जिनमें देश की लोककला, स्थापत्य, परंपराओं और जीवनशैली की आकर्षक झलक प्रस्तुत की गई है। उत्तर भारत के जोन में हिमालयी संस्कृति, पंजाब के लोकनृत्य, राम मंदिर और राजस्थानी कला को दर्शाया गया है। पूर्वी भारत के जोन में असम का बिहू, ओडिशा की स्थापत्य कला और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया गया है।
पश्चिम भारत के जोन में गुजरात का गरबा, कच्छ की हस्तकला, रानी की वाव और महाराष्ट्र की संस्कृति को रोशनी की कलात्मक रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। वहीं, दक्षिण भारत के जोन में मीनाक्षी मंदिर, हम्पी और केरल की बोट रेस सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतीकों को आकर्षक प्रकाश सज्जा के जरिए जीवंत बनाया गया है।
आउटडोर विभाग में 11 प्रमुख सेक्शन के अंतर्गत तैयार की गई प्रकाश रचनाएं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण होंगी। ‘भारत- सोने की चिड़िया’, ‘समय का चक्र’, प्रकाशित मूर्तियां, दीप सुरंग, रंग-बिरंगे गुब्बारे, प्रकाशित फूल और योग जैसी थीम के माध्यम से भारत की संस्कृति, परंपराओं और जीवनमूल्यों को दर्शाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के ध्येय मंत्र के अनुरूप महिला सशक्तिकरण, आधुनिक भारत, ‘धागों की सुरंग’, सुरक्षा बलों की शौर्यगाथा तथा अंतरिक्ष और तकनीक पर आधारित प्रकाश रचनाएं भी तैयार की गई हैं। इनके माध्यम से भारत की प्रगति, नारीशक्ति और राष्ट्रीय गौरव को उजागर किया गया है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए पशुओं, मशरूम और जलीय दुनिया पर आधारित कलात्मक प्रकाश प्रस्तुतियां भी शामिल की गई हैं।
एकता द्वार से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक के मार्ग सहित लाइटिंग पोल, गैंट्री मोटिफ, पर्यटन स्थलों और विभिन्न थीम पर आधारित प्रकाशित कलाकृतियों से एकतानगर को रोशन किया गया है। मार्ग पर स्थित इमारतों और पेड़ों को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे पर्यटकों को रात के समय आकर्षक और मनमोहक दृश्य देखने को मिलेंगे।
तीन महीने तक चलने वाला ‘एकता प्रकाश पर्व-2026’ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक विकास को रोशनी की कलात्मक प्रस्तुतियों के साथ जोड़ने वाला अनूठा उत्सव है। यह प्रकाशोत्सव एकतानगर के पर्यटन आकर्षण को और बढ़ाने के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारत की विविधता, कला, संस्कृति और विकास की यादगार झलक प्रदान करेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ नांदोद की विधायक डॉ. दर्शनाबेन देशमुख, पूर्व मंत्री शब्दशरण तडवी, नर्मदा निगम और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के चेयरमैन मुकेश पुरी, स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. रतन कंवर गढ़वी चारण, एडीजी पीयूष पटेल, पर्यटन विभाग के सचिव कुलदीप आर्य, गृह विभाग के सचिव हर्षित गोसावी, सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पी. आर. पटेलिया, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सीईओ अमित अरोड़ा, जिला कलेक्टर गंगा सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक विशाखा डबराल सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। VNI NEWS, Bhupendra Patel, Ekta Prakash Parv 2026, Ektanagar, Statue of Unity, Narmada Gujarat, Gujarat Tourism, National Unity, India Cultural Heritage, Light Festival Gujarat, Ek Bharat Shreshtha Bharat, Ekta Prakash Parv 2026, Bhupendra Patel Ektanagar, Statue of Unity Light Festival, Ektanagar Tourism, Gujarat Light Festival 2026, VNINews, VNINews.com

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