~Gujarat Governor Acharya Devvrat visited Vishwanti Naturals model farm in Rajkot, encouraged farmers to adopt natural farming and highlighted its benefits for soil health, the environment and human well-being.

Rajkot, Gujarat, Oct 09 (VNI): गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजकोट जिले के दौरे के दौरान शुक्रवार सुबह गुंदा गांव में प्रगतिशील किसान राजेशभाई लिंबासिया के मॉडल फार्म विश्वंती नेचुरल्स का दौरा किया। खेती, गाय और ग्रामीण संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने यहां स्वयं गाय का दूध दुहा और प्राकृतिक खेती की विभिन्न विधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को रासायनिक खादों और कीटनाशकों के स्थान पर प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जमीन की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
श्री देवव्रत ने मॉडल फार्म में प्राकृतिक पद्धति से तैयार किए जाने वाले विभिन्न खादों, पौधों, प्राकृतिक खेती की विधियों और फसलों का निरीक्षण किया। विभिन्न फसलों में फलों और फूलों की अच्छी मात्रा तथा फसलों को कीटों और बीमारियों से मुक्त देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। प्रगतिशील किसान राजेशभाई के युवा बेटे केविन के भी प्राकृतिक कृषि कार्य में सहभागी होने की जानकारी मिलने पर राज्यपाल ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का प्राकृतिक कृषि के साथ-साथ धरती के संरक्षण के लिए तैयार होना आवश्यक है।
इस दौरान आसपास के 100 से अधिक किसान राज्यपाल से मिलने पहुंचे। आचार्य देवव्रत ने किसानों के साथ प्राकृतिक खेती के महत्व पर जानकारीपूर्ण संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि जमीन, पानी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के संरक्षण से जुड़ा टिकाऊ मार्ग है। उन्होंने रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से जमीन की उर्वरता, भूजल और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
राज्यपाल ने किसानों को देशी गाय आधारित जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन और बहुफसल पद्धति जैसी प्राकृतिक खेती की विधियों के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इन विधियों को अपनाने से खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, उन्होंने किसानों को अपनी जमीन में ऑर्गेनिक कार्बन की नियमित जांच कराने की सलाह दी, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता को बेहतर बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
किसानों को संबोधित करते हुए आचार्य देवव्रत ने सलाह दी कि वे शुरुआत में अपनी जमीन के छोटे हिस्से में प्राकृतिक खेती का प्रयोग करें और उसके परिणामों का स्वयं अनुभव करें। उन्होंने कहा कि ‘पहला सुख-निरोगी काया’ की भावना को साकार करने तथा आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण और पोषक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक कृषि का विस्तार आवश्यक है। जीवामृत और घनजीवामृत बनाने की विधियों तथा उनके लाभों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद किसानों को जहरमुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरणा मिली।
राज्यपाल ने बताया कि गुजरात में आज नौ लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से जमीन की गुणवत्ता और उर्वरता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने किसानों से विश्वंती नेचुरल्स जैसे प्राकृतिक खेतों को देखकर प्रेरणा लेने तथा रासायनिक खादों का उपयोग छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आग्रह किया। राज्यपाल की बातों से प्रेरित होकर किसानों ने प्राकृतिक कृषि अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई। इस तरह विश्वंती नेचुरल्स का मॉडल फार्म किसानों के लिए प्राकृतिक कृषि की जीवंत पाठशाला बन गया।
इस अवसर पर किसान राजेशभाई लिंबासिया ने कहा कि उन्हें प्राकृतिक खेती की प्रेरणा राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिली। उन्होंने इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए अपना अनुभव साझा किया और बताया कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से एक एकड़ जमीन में 10 लाख रुपये का उत्पादन होता है।
मॉडल फार्म के दौरे के बाद राज्यपाल ने गुंदा गांव में अनुसूचित जाति के परिवार के सदस्य हीराभाई सागठिया के घर अल्पाहार किया। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ आत्मीयता से संवाद किया तथा किसान परिवार को प्राकृतिक कृषि अपनाने और गाय पालन के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राजकोट जिला पंचायत अध्यक्ष संजयभाई पिपलिया, कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश, जिला विकास अधिकारी अनंदु सुरेश गोविंद तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। VNI NEWS, Acharya Devvrat, Vishwanti Naturals, Natural Farming, Rajkot, Gujarat Governor, Rajeshbhai Limbasiya, Cow-Based Farming, Sustainable Agriculture, Gujarat Farmers, Acharya Devvrat naturalizes  farming, Vishwanti Naturals model farm, natural farming in Gujarat, Rajkot farmers, cow-based natural farming, sustainable agriculture, VNINews, VNINews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *