~Postmaster General Krishna Kumar Yadav said Hindi is not only a language of communication and literature but also a language of science, information technology, innovation and modern communication.

Ahmedabad, Gujarat, Sep 14 (VNI): उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने सोमवार को कहा कि हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों की प्रबल संवाहक है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है। ऐसे में इसके विकास के लिए जरूरी है कि हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्यों में भी प्राथमिकता दी जाए।
श्री यादव ने डाक विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित हिंदी पखवाड़े के शुभारंभ अवसर पर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर ‘हिंदी दिवस’ तथा ‘हिंदी पखवाड़ा’ (14 से 28 सितंबर) का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सहजता, मधुरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर हिंदी ने वैश्विक स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है।
पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि एथनोलॉग के अनुसार हिंदी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, जबकि विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह दुनिया की दस शक्तिशाली भाषाओं में शामिल है। जनतांत्रिक आधार पर भी हिंदी विश्व भाषा है, क्योंकि इसके बोलने और समझने वालों की संख्या दुनिया में तीसरी है। विश्व के 132 देशों में बसे भारतीय मूल के लगभग दो करोड़ लोग हिंदी माध्यम से अपना कार्य करते हैं। विदेशों में 150 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है।
श्री यादव ने कहा कि हिंदी सिर्फ संवाद और साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना-प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। भारत सरकार द्वारा विकास कार्यक्रमों और जनसेवाओं के संचालन में हिंदी के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में भी हिंदी की आवाज गूंजने लगी है। हिंदी की मधुरता में वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना निहित है और इसकी सरलता में गहन ज्ञान का सागर समाहित है।
उन्होंने कहा कि ‘हिंदी दिवस’ केवल औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उस भाषा का उत्सव है जिसने दिलों को जोड़ा, सपनों को शब्द दिए और भावनाओं को आवाज दी। बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप राजभाषा, संपर्क भाषा और महत्वपूर्ण ज्ञानभाषा बने रहने के लिए हिंदी को तकनीकी रूप से और समृद्ध बनाना होगा। प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह आत्मविश्वास के साथ हिंदी में कार्य करे और इसकी उन्नति में सहयोग प्रदान करे।
सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश शाह ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के तहत 14 से 28 सितंबर, 2026 तक उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में डाककर्मियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें निबंध लेखन, काव्य-पाठ, हिंदी व्याकरण, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद, तात्कालिक भाषण, हिंदी कार्यशाला तथा अंताक्षरी जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
सहायक निदेशक रितुल गांधी ने बताया कि 14 सितंबर, 1949 को देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाने का निर्णय लिया गया था। सहायक निदेशक वारिस वहोरा ने कहा कि समस्त भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरोने वाली हिंदी वह कड़ी है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़ती है और भावनाओं को अभिव्यक्ति प्रदान करती है।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश आर. शाह, सहायक निदेशक वारिस वहोरा, रितुल एन. गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, डाक निरीक्षक भाविन प्रजापति, पायल पटेल, सहायक लेखाधिकारी रामस्वरूप मंगवाना, सुभाष बरूपाल तथा योगेश पंचोली सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर कुमावत ने किया। VNI NEWS, Hindi Diwas, Hindi Pakhwada 2026, Krishna Kumar Yadav, India Post, Ahmedabad, Rajbhasha Hindi, Hindi Language, Gujarat Post, Hindi Diwas 2026, Hindi Pakhwada, Krishna Kumar Yadav, Hindi language, Rajbhasha Hindi, India Post Ahmedabad, VNINews, VNINews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *