~Gujarat Governor Acharya Devvrat said the first convocation of Birsa Munda Tribal University in Rajpipla marks a historic occasion, with 667 students receiving degrees.
Rajpipla, Gujarat, Sep 20 (VNI): गुजरात के राज्यपाल एवं बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आचार्य देवव्रत ने कहा कि बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी का पहला दीक्षांत समारोह एक ऐतिहासिक अवसर है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से स्थापित यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह का रविवार को भव्य आयोजन किया गया। समारोह में कला, वाणिज्य और विज्ञान सहित विभिन्न विद्याशाखाओं के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की और विद्यार्थियों ने दीक्षांत प्रतिज्ञा ली। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थी जीवन की महत्वपूर्ण यात्रा के बाद जीवन के नए अध्याय के प्रारंभ का अवसर है और उपाधि के साथ विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदारी भी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिजाति समाज के गौरव, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हैं तथा उनके नाम पर आदिजाति आबादी वाले नर्मदा जिले में यूनिवर्सिटी की स्थापना विशेष महत्व रखती है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की स्थापना में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के प्रयासों को भी याद किया।
श्री देवव्रत ने कहा कि आदिजाति क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाना सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार है और पिछले वर्षों में आदिजाति समाज के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों में वृद्धि हुई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी के सुंदर परिसर और आकर्षक खेल परिसर की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि गुजरात भविष्य में कॉमनवेल्थ जैसी महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं का मेजबान बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा और इस यूनिवर्सिटी के खेल परिसर से भी अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे। उन्होंने उपाधिधारी विद्यार्थियों से अपने गांव या क्षेत्र में शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूल से जोड़ने, युवाओं का मार्गदर्शन करने और समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने युवाओं से नशामुक्त जीवन जीने तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और शिक्षा, संस्कार, मेहनत तथा ईमानदारी को जीवन का आधार बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उपयोग केवल व्यक्तिगत विकास के लिए नहीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए। नर्मदा सहित आदिजाति क्षेत्रों में प्रकृति के साथ गहरे संबंध का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने की भी अपील की और कहा कि भूमि, जल तथा पर्यावरण का संरक्षण कर भावी पीढ़ी को स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह केवल पहला कन्वोकेशन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से हुए ‘ट्राइबल यूथ ट्रांसफॉर्मेशन’ का पहला सेलिब्रेशन है। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पहले इस क्षेत्र में ग्रेजुएशन के लिए केवल एक कॉलेज था और उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को सूरत तथा वडोदरा जैसे शहरों में जाना पड़ता था, जबकि आज आदिजाति क्षेत्रों में घर-आंगन में आधुनिक शिक्षा के अवसर उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने आदिजाति क्षेत्र में पांच इंजीनियरिंग कॉलेज, छह पॉलिटेक्निक और 11 मेडिकल कॉलेज शुरू होने का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी से 667 विद्यार्थी ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और एमएसडबल्यू जैसी डिग्रियों के साथ समाज में अपना पहला कदम रख रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी मूल संस्कृति और भूमि से जुड़े रहने तथा देश के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।
आदिजाति विकास मंत्री नरेशभाई पटेल ने आदिजाति क्षेत्रों में शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए की गई विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने ‘वनबंधु कल्याण योजना’, ‘शाला प्रवेशोत्सव’ और ‘कन्या केळवणी महोत्सव’ सहित छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं से विद्यार्थियों को मिले अवसरों की जानकारी दी। यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने स्वागत भाषण में यूनिवर्सिटी के विजन, प्रगति और शैक्षणिक पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा जनजातीय भाषाओं और बोलियों पर विशेष शोध के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। समारोह में कुल 47 विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर मेडल तथा उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर आदिजाति विकास राज्य मंत्री पी.सी. बरंडा, सांसद मनसुखभाई वसावा, जशुभाई राठवा एवं डॉ. मुकेशभाई राठवा, नांदोद विधायक डॉ. दर्शनाबेन देशमुख, कुलसचिव डॉ. रजनीकांत पंड्या, डीन डॉ. धवल पंड्या सहित विभिन्न यूनिवर्सिटियों के कुलपति-कुलसचिव, विद्यार्थी, प्रोफेसर, अधिकारी, उपाधि प्राप्त विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे। VNI NEWS, Birsa Munda Tribal University, Acharya Devvrat, Rajpipla, Gujarat Governor, First Convocation, Bhupendra Patel, Tribal Education, Tribal Youth, Narmada, Gujarat Education, Birsa Munda Tribal University First Convocation, Acharya Devvrat, Tribal Education in Gujarat, Rajpipla University Convocation, VNINews, VNINews.com
