~Gujarat Government releases Operational Guidelines 1.0 for effective implementation of the GCC Policy 2025-30, covering eligibility, incentives, claims, digital processing and GCC expansion.

Gandhinagar, Gujarat, Oct 03 (VNI): गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गुजरात में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विकास को नया वेग देने के लिए गुजरात ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2025-30 के प्रभावी अमल के लिए ऑपरेशनल गाइडलाइंस 1.0 जारी की हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया के नेतृत्व में जारी इस मार्गदर्शिका में जीसीसी की पहचान, पात्रता, नए सेंटर की स्थापना, मौजूदा सेंटर के विस्तार तथा विभिन्न प्रोत्साहनों का लाभ लेने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट ढांचा निर्धारित किया गया है।
मार्गदर्शिका की प्रमुख विशेषता यह है कि इंसेंटिव के लिए आवेदन से लेकर क्लेम की जाँच और भुगतान तक की प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जा सकेगी। डायरेक्टोरेट ऑफ आईसीटी एंड ई-गवर्नेंस द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड इंसेंटिव मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से इंसेंटिव आवेदन, क्लेम प्रोसेसिंग, भुगतान तथा स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज के लिए आवेदन किया जा सकेगा। जीसीसी पॉलिसी से संबंधित जानकारी भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। इंसेंटिव की गणना के लिए ‘मंथ ऑफ एलिजिबिलिटी’ का प्रावधान किया गया है। कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की तारीख, इन-प्रिंसिपल अप्रूवल या एलिजिबल एम्प्लॉयी काउंट हासिल होने की तारीख में से जो सबसे बाद की होगी, उसे पात्रता का प्रारंभिक महीना माना जाएगा।
जीसीसी की पहचान और नए सेंटर की स्थापना के लिए बोर्ड रिजोल्यूशन, सर्विस लेवल एग्रीमेंट (SLA), ओनरशिप स्ट्रक्चर, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), जीएसटी सर्टिफिकेट तथा आवश्यकतानुसार सीए द्वारा प्रमाणित निवेश विवरण सहित विभिन्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नए जीसीसी के लिए सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, गुजरात में संपत्ति के किराये या खरीद के दस्तावेज, कर्मचारी विवरण और प्रथम सर्विस इनवॉइस जैसे दस्तावेज आवश्यक होंगे। मौजूदा जीसीसी के विस्तार के लिए अतिरिक्त गतिविधियों, निवेश और कर्मचारियों से संबंधित विवरण भी प्रस्तुत करना होगा।
पॉलिसी के तहत पात्र कैपेक्स एक्सपेंडिचर में बिल्डिंग का निर्माण या खरीद, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग हार्डवेयर तथा अन्य संबंधित फिक्स्ड एसेट्स शामिल हैं, जबकि जमीन की लागत इसमें शामिल नहीं होगी। जमीन या ऑफिस स्पेस के लीज, सेल अथवा ट्रांसफर पर चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तथा कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट के उपकरणों पर हुआ खर्च पात्र हो सकता है। फर्नीचर, फिक्स्चर्स, रेनोवेशन, सिविल वर्क, इंटीरियर डिजाइनिंग, इलेक्ट्रिकल फिक्स्चर्स, एचवीएसी उपकरण और अन्य आवश्यक प्लांट एवं मशीनरी का खर्च भी निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर पात्र माना जा सकता है। नए जीसीसी के लिए कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की तारीख तथा मौजूदा जीसीसी के विस्तार के लिए एक्सपैंशन एप्लिकेशन की तारीख से दो वर्ष तक का संबंधित जीएफसीआई निवेश पात्र खर्च में शामिल किया जा सकेगा।
क्लेम प्रक्रिया के लिए कैपेक्स क्लेम पात्र अवधि पूरी होने के बाद एक वर्ष के भीतर वित्तीय वर्ष के अनुसार प्रस्तुत करना होगा, जबकि ओपेक्स का पहला क्लेम मंथ ऑफ एलिजिबिलिटी से शुरू होने वाले आगामी दो क्वार्टर्स में तथा बाद के क्लेम संबंधित क्वार्टर की समाप्ति से पहले प्रस्तुत करने होंगे। स्पेशल इंसेंटिव और क्वालिटी सर्टिफिकेशन के वार्षिक क्लेम आगामी वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले जमा करने होंगे और विलंब के आधार पर इंसेंटिव की गणना प्रो-राटा आधार पर की जाएगी। क्लेम के दौरान सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉरपोरेशन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन, बोर्ड रिजोल्यूशन, SLA, प्रमाणित DPR, कर्मचारी विवरण, प्रथम सर्विस इनवॉइस, निवेश इनवॉइस, सीए-सर्टिफाइड क्लेम समरी तथा जीएफसीआई और वार्षिक ऑपरेटिंग खर्च का सीए सर्टिफिकेट सहित निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इस प्रकार ऑपरेशनल गाइडलाइंस 1.0 ने GCC पॉलिसी 2025-30 के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट प्रक्रिया, डिजिटल सुविधा और दस्तावेज आधारित जाँच का ढांचा उपलब्ध कराया है। VNI NEWS, Gujarat GCC Policy 2025-30, GCC Operational Guidelines 1.0, Global Capability Centres Gujarat, Gujarat Government, Bhupendra Patel, Arjunbhai Modhwadia, GCC Incentives, GCC Policy Gujarat, Integrated Incentive Management Portal, GCC Policy 2025-30, GCC Operational Guidelines Gujarat, Global Capability Centres Gujarat, VNINews, VNINews.com

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