~Defence Minister Rajnath Singh celebrates Diwali with Trishakti Corps soldiers in Sikkim, praises their courage, dedication and commitment to national security.
New Delhi, Nov 08 (VNI) : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को सिक्किम के अग्रिम क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर (33 कोर) के जवानों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम.बी. कृष्णन, 33 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मान राज सिंह मान सहित सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शेराथांग में सैनिकों से बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने जवानों को दीपावली का सबसे उज्ज्वल प्रकाश बताया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर सैनिकों की सतर्कता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना पाते हैं। उन्होंने सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह एक दीपक बिना किसी दिखावे के अंधकार दूर करता है, उसी तरह सैनिक भी चुपचाप अपना कर्तव्य निभाते हुए राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
राजनाथ सिंह ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों की कार्यकुशलता, उच्च मनोबल और अटूट संकल्प की प्रशंसा की। उन्होंने सैनिकों से इसी उत्साह और समर्पण के साथ मातृभूमि की रक्षा करते रहने का आह्वान किया। साथ ही, परिवारों से दूर रहकर राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखने वाले जवानों के त्याग और बलिदान को नमन किया।
रक्षा मंत्री ने अनुशासन और साहस को सैन्य सेवा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, अनुशासन और साहस के बिना उसका कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का आचरण, वर्दी, भाषा और संयम स्थानीय समुदायों के बीच सेना की छवि निर्धारित करते हैं। उन्होंने शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में सेना तथा स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास और सद्भाव के संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने शेराथांग युद्ध स्मारक पर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बाबा हरभजन सिंह स्मारक पर भी जाकर नमन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे युद्ध स्मारक केवल इतिहास और बलिदान की याद नहीं दिलाते, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, गौरव और सामूहिक स्मृति को भी मजबूत करते हैं।
श्री सिंह ने बताया कि शेराथांग युद्ध स्मारक में सम्मानित वीर सैनिक देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों, जिनमें नागालैंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और असम शामिल हैं, से थे। इन सैनिकों ने क्षेत्र, भाषा और समुदाय के भेदभाव से ऊपर उठकर देशवासियों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि एकता और निस्वार्थ सेवा की यही भावना भारत की आत्मा और राष्ट्रीय पहचान है।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में स्थापित राष्ट्रीय समर स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले लगभग 26 हजार शहीद सैनिकों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं। उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों के नाम स्मारक पर देखकर शहीदों के परिवारों और उनके पैतृक क्षेत्रों के लोगों में गर्व की भावना जागृत होती है। ऐसे स्मारक वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा के स्रोत हैं। VNI NEWS, Rajnath Singh Diwali Celebration, Trishakti Corps, Indian Army Sikkim, Sherathang, Indian Army Soldiers, National War Memorial, Rajnath Singh, Trishakti Corps, 33 Corps, Indian Army, Sikkim, Sherathang, Diwali 2026, Indian Defence, Baba Harbhajan Singh, National War Memorial, Indian Soldiers, VNINews, VNINews.com

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