~गुजरात में केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण इकाई और 12 क्षेत्रीय फ्लड कंट्रोल सेल 24X7 सक्रिय हैं। राज्य के 207 जलाशयों की रियल-टाइम निगरानी कर बाढ़ प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाया गया है।

Gandhinagar, Gujarat, Aug 03 (VNI): जलवायु परिवर्तन के कारण बदलते वर्षा पैटर्न और कम समय में होने वाली अत्यधिक बारिश की चुनौतियों से निपटने के लिए गुजरात सरकार ने मानसून अवधि के दौरान केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण इकाई (फ्लड कंट्रोल सेल) सहित राज्य की 12 क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण इकाइयों को 1 जून से 31 अक्टूबर तक 24X7 सक्रिय रखा है। यह इकाइयां जलाशयों के जलस्तर, पानी की आवक-निकासी और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गांधीनगर स्थित केंद्रीय फ्लड कंट्रोल सेल आधुनिक तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस और रियल-टाइम समन्वय के माध्यम से बाढ़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना रहा है। जल संसाधन एवं जलापूर्ति मंत्री ईश्वरसिंह पटेल के मार्गदर्शन में मानसून पूर्व आपदा प्रबंधन योजना और टेलीफोन डायरेक्टरी को अपडेट कर रिजर्वायर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर अपलोड किया गया है। राज्य में उकाई, सूरत, दमणगंगा, वडोदरा, नडियाद, गोधरा, अहमदाबाद, हिम्मतनगर, विसनगर, भावनगर, राजकोट और भुज सहित 12 क्षेत्रीय बाढ़ नियंत्रण इकाइयां कार्यरत हैं।
इन इकाइयों द्वारा सरदार सरोवर सहित राज्य के 207 प्रमुख जलाशयों—18 बड़े, 86 मध्यम और 103 छोटे—के जलस्तर तथा पानी की आवक और निकासी की रियल-टाइम निगरानी की जाती है। बड़े बांधों की जानकारी हर घंटे अपडेट की जाती है, जबकि प्रतिदिन सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों को भेजी जाती है। संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 12 हॉटलाइन कनेक्शन, 14 प्रमुख जलाशयों पर सैटेलाइट फोन तथा 413 वायरलेस सेट उपलब्ध कराए गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा नर्मदा, तापी, साबरमती, मही, दमणगंगा, बनास और शेत्रुंजी जैसे अंतरराज्यीय नदी बेसिनों के लिए इनफ्लो और फ्लड लेवल फोरकास्ट उपलब्ध कराया जाता है, जिसके आधार पर जलाशयों में पानी के संग्रहण अथवा निकासी के संबंध में त्वरित निर्णय लिए जाते हैं। गांधीनगर स्थित केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण इकाई स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) के साथ लगातार समन्वय बनाए रखती है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नाउकास्ट, फोरकास्ट तथा चेतावनी संदेश संबंधित अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाए जाते हैं।
गांधीनगर स्थित जियोस्पेशियल सेल द्वारा सिंचाई योजनाओं और संभावित बाढ़ क्षेत्रों के डिजिटल नक्शे तैयार किए गए हैं, जिससे संवेदनशील इलाकों की पहले से पहचान संभव हो रही है। केंद्रीय इकाई और एसईओसी में तीन शिफ्टों में उप कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं सपोर्ट स्टाफ 24 घंटे तैनात रहते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इंजीनियरिंग नवाचार और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के समन्वय से गुजरात का फ्लड कंट्रोल सिस्टम जल प्रबंधन और आपदा जोखिम को कम करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है। VNI NEWS, Gujarat Flood Control Cell, Gandhinagar Flood Control, Reservoir Monitoring, Flood Management Gujarat, Water Resources Department, Gujarat, Gandhinagar, Flood Control Cell, Reservoir, Monsoon, Disaster Management, Flood Monitoring, VNINews, VNINews.comn

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