~Ahmedabad Banaras Connect ‘Vatayana’ brought together literature, music and culture with poets, writers and musicians at a grand literary evening in Ahmedabad.
Ahmedabad, Gujarat, Sep 27 (VNI): बनारस लिटरेचर फेस्टिवल एवं नवभारत निर्माण समिति, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में अहमदाबाद के वेलकम होटल में ‘अहमदाबाद बनारस कनेक्ट ‘वातायन’’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें साहित्य, संगीत और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, कवियों, संगीतज्ञों एवं गणमान्य अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से आयोजन को विशिष्ट बना दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नवभारत निर्माण समिति, वाराणसी के सचिव डॉ. बृजेश सिंह ने सभी अतिथियों एवं साहित्यप्रेमियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र में पद्मश्री तुषार शुक्ला, पद्मश्री शीन क़ाफ़ निज़ाम, अशोक कुमार सिंह, सौरभ कुमार राय, कमिश्नर इनकम टैक्स, धर्मेंद्र सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ, डॉ. जयेंद्र सिंह जाडेजा, प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ठाकुर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि पद्मश्री तुषार शुक्ल तथा मुख्य अतिथि गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष भाग्येश झा रहे। अमित पारीख ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ प्रथम सत्र का समापन हुआ।
द्वितीय सत्र ‘साबरमती के स्वर’ में गुजराती साहित्य और ग़ज़ल की मनोहारी छटा देखने को मिली। सुप्रसिद्ध गुजराती ग़ज़लकार राजेश व्यास ‘मिस्कीं’, हरिद्वार गोस्वामी, रक्षा शुक्ला, जयंत सिंह यादव, किशोर जिगडरा आदि ने अपने काव्य-पाठ से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस सत्र की अध्यक्षता श्री भाग्येश झा ने की। इसके बाद तृतीय सत्र ‘जब शाम पिरोए याद कोई’ ने पूरे वातावरण को सुरों और संवेदनाओं से भर दिया। बेंगलुरु से पधारे वैज्ञानिक निशांत मालवीय की भजन प्रस्तुतियों से सत्र का शुभारंभ हुआ।
शंकर झा के संयोजन में मुंबई से पधारे नानू गुर्जर एवं दिल्ली से पधारी डॉ. अपराजिता लाहिड़ी ने गोपाल सिंह नेपाली, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और मिर्ज़ा ग़ालिब की कालजयी रचनाओं को अपने सुरों में पिरोया। उनकी प्रस्तुतियों ने ऐसा मनोहारी वातावरण निर्मित किया कि श्रोता देर तक संगीत-माधुर्य में डूबे रहे। कार्यक्रम का अंतिम सत्र ‘वातायन कवि सम्मेलन’ रहा, जिसमें पद्मश्री शीन क़ाफ़ निज़ाम, हर्ष ब्रह्मभट्ट, मदन मोहन ‘दानिश’, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. सुनील पवार, आरिफ़ शेख, अमन अक्षर, डॉ. प्रशांत सिंह आदि रचनाकारों ने अपनी कविताओं से साहित्यिक संध्या को यादगार बना दिया। विविध भावों और संवेदनाओं से सजी कविताओं ने देर तक श्रोताओं को बाँधे रखा और सभागार तालियों से गूँजता रहा।
डॉ. राखी सिंह कटियार ने कहा कि उनके लिए यह अत्यंत सौभाग्य और हर्ष का विषय है कि उन्हें इस भव्य एवं बहुआयामी आयोजन के संचालन का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि साहित्य, संगीत और संस्कृति से सजी यह सुखद शाम उनकी स्मृतियों में सदैव अपनी उजली आभा के साथ अंकित रहेगी। उन्होंने इस सुंदर आयोजन के लिए नवभारत निर्माण समिति, वाराणसी के सचिव डॉ. बृजेश सिंह का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए साहित्य और संस्कृति से जुड़े ऐसे ही सार्थक एवं आत्मीय आयोजनों की निरंतरता के लिए शुभकामनाएँ दीं। VNI NEWS, Ahmedabad Banaras Connect, Vatayana, Banaras Literature Festival, Navbharat Nirman Samiti, Gujarati Literature, Hindi Literature, Ghazal, Poetry, Music, Ahmedabad Cultural Event, Ahmedabad Banaras Connect, Vatayana, literature and music event, Ahmedabad literary event, Banaras Literature Festival, VNINews, VNINews.com
