~LWG LitFest 4.0 concludes in Lucknow with literary discussions, poetry recitals, book launches, creative workshops, cultural performances and awards honouring contributions to literature and art.

Lucknow, Uttar Pradesh, Oct 11 (VNI): साहित्य, कविता, संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्ति के विविध रंगों से सजा लिटरेरी वॉरियर्स ग्रुप (एलडब्ल्यूजी) लिटफेस्ट 4.0 लखनऊ मेट्रो क्लब के सभागार में आयोजित दो दिवसीय साहित्यिक महोत्सव के साथ सम्पन्न हुआ।

इस महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लेखकों, कवियों, पाठकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उत्तर प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो के निदेशक (परिचालन) प्रशांत मिश्रा, निदेशक (सिस्टम एवं रोलिंग स्टॉक) नवीन कुमार, एलडब्ल्यूजी की सह-संस्थापक रेणु मिश्रा और संस्थापक नीलम सक्सेना चंद्रा उपस्थित रहीं।

श्री सुशील कुमार ने अपने संबोधन में समाज को सही दिशा दिखाने में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने लखनऊ मेट्रो में कला और साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि मेट्रो परिसर में रचनात्मक गतिविधियों के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराने तथा कला एवं साहित्य से जुड़ी नियमित प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन ‘अभिव्यक्ति’ और ‘कला-कुटीर’ नामक दो सभागारों में किया गया। यहां साहित्यिक विमर्श, पुस्तक लोकार्पण, काव्यपाठ, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विविध श्रृंखलाओं ने आयोजन को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया। महोत्सव के दौरान कई पुस्तकों और काव्य-संकलनों का लोकार्पण हुआ। इनमें एलडब्ल्यूजी के संकलन ‘रीवाइंड–यादें अनप्लग्ड’ और ‘अनफॉरगेटेबल स्ट्रेंजर’ के साथ नीलम सक्सेना चंद्रा, संतोष बकाया, सुरेखा साहू, संगीता गर्ग, सोमदत्ता मित्रा, जवाहर लाल, अपर्णा प्रधान, रेणु मिश्रा, मधुमिता भट्टाचार्य नैयर, प्रीति पांडेय, हरप्रीत कौर ‘प्रीत’ और आशु मंदीप रात्रा की पुस्तकें शामिल रहीं। सुप्रसिद्ध गायिका संजीवनी भेलांडे की पुस्तक ‘मीरा एंड मी’ का लोकार्पण विशेष आकर्षण रहा। इसके बाद नीलम सक्सेना चंद्रा के साथ संवाद-परिचर्चा में मीरा, लेखन, प्रसिद्धि और प्रेम जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। ‘पोएटिक लाइसेंस’, ‘काव्य मंच’, बहुभाषी कविता-पाठ, मुशायरा और ‘दास्तान-ए-सुखन’ जैसे कार्यक्रमों ने विभिन्न भाषाओं की काव्यात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया।
दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन ‘अभिव्यक्ति’ और ‘कला-कुटीर’ नामक दो सभागारों में किया गया। यहां साहित्यिक विमर्श, पुस्तक लोकार्पण, काव्यपाठ, कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विविध श्रृंखलाओं ने आयोजन को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया। महोत्सव के दौरान कई पुस्तकों और काव्य-संकलनों का लोकार्पण हुआ। इनमें एलडब्ल्यूजी के संकलन ‘रीवाइंड–यादें अनप्लग्ड’ और ‘अनफॉरगेटेबल स्ट्रेंजर’ के साथ नीलम सक्सेना चंद्रा, संतोष बकाया, सुरेखा साहू, संगीता गर्ग, सोमदत्ता मित्रा, जवाहर लाल, अपर्णा प्रधान, रेणु मिश्रा, मधुमिता भट्टाचार्य नैयर, प्रीति पांडेय, हरप्रीत कौर ‘प्रीत’ और आशु मंदीप रात्रा की पुस्तकें शामिल रहीं। सुप्रसिद्ध गायिका संजीवनी भेलांडे की पुस्तक ‘मीरा एंड मी’ का लोकार्पण विशेष आकर्षण रहा। इसके बाद नीलम सक्सेना चंद्रा के साथ संवाद-परिचर्चा में मीरा, लेखन, प्रसिद्धि और प्रेम जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। ‘पोएटिक लाइसेंस’, ‘काव्य मंच’, बहुभाषी कविता-पाठ, मुशायरा और ‘दास्तान-ए-सुखन’ जैसे कार्यक्रमों ने विभिन्न भाषाओं की काव्यात्मक अभिव्यक्तियों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया।
महोत्सव में अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में कविता-पाठ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। अंग्रेजी प्रतियोगिता का संचालन डॉ. मैत्रेयी जोशी, हिंदी प्रतियोगिता का आशु रात्रा और उर्दू प्रतियोगिता का अजय वर्मा ने किया। साहित्य और समाज के बदलते संबंधों पर केंद्रित परिचर्चाओं ने आयोजन को वैचारिक गहराई प्रदान की। कर्नल सलिल जैन के संचालन में ‘सोशल मीडिया–हिंदी साहित्य का नया मंच या नई चुनौती’ विषय पर चर्चा हुई, जबकि सोमदत्ता मित्रा के संचालन में ‘मेटामॉर्फोसिस–समकालीन समय में साहित्य का विकास’ विषयक परिचर्चा आयोजित की गई। इन सत्रों में साहित्य की बदलती प्रवृत्तियों, डिजिटल माध्यमों की भूमिका और समकालीन रचनात्मकता पर विचार-विमर्श हुआ।
रचनात्मक लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए कई कार्यशालाएं आयोजित की गईं। आशा सिंह गौर ने ‘दिल की दास्तां’ कार्यशाला का संचालन किया, जबकि वहीदा हुसैन ने ‘द आर्किटेक्चर ऑफ पोएट्री’ के माध्यम से कविता की संरचना और शिल्प पर चर्चा की। शायर अंबर खरबंदा की कार्यशाला भी प्रतिभागियों के आकर्षण का केंद्र रही। नए और उभरते रचनाकारों को मंच देने के उद्देश्य से ‘बोले कलम’ और ‘एक्सप्रेसो-माइक’ जैसे ओपन माइक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त ‘शब्दाक्षरी’, ‘यंग इंक’, ‘इम्पल्सिव वर्ड्स’, ‘द फ्लैश पेन’, ‘किस्से कहानी’ तथा ‘रीड, लिसन एंड रिफ्लेक्ट’ जैसे आयोजन भी महोत्सव का हिस्सा रहे। इन कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने और साहित्य के विविध रूपों से जुड़ने का अवसर दिया।
महोत्सव की शामें संगीत, नृत्य और रंगमंच की प्रस्तुतियों से जीवंत हो उठीं। हास्य नाटिका ‘बंटा की शादी’ ने दर्शकों का मनोरंजन किया। रियान बागची और आशा सिंह गौर ने गीत प्रस्तुत किए, जबकि डॉ. रेणु शर्मा और डॉ. अपर्णा प्रधान की नृत्य प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विविध रंग भरे। महोत्सव का समापन भव्य समारोह के साथ हुआ, जिसमें भारतीय रेल के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के महानिदेशक प्रभास दंसाना, आरईसी लिमिटेड के महाप्रबंधक मोहम्मद फारुक कुरैशी तथा एमएमटीसी के मुख्य सतर्कता अधिकारी जवाहर लाल प्रमुख अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे।
समापन समारोह में पद्मजा अयंगर ‘पैडी’ को साहित्य और कला के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। डॉ. अपर्णा प्रधान को साहित्य और कला में उनके असाधारण योगदान के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि सुरेखा साहू को ‘अनसंग हीरो अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन और ऑफलाइन आयोजित विभिन्न कविता, कहानी तथा पुस्तक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
एलडब्ल्यूजी लिटफेस्ट 4.0 ने साहित्य, कला और रचनात्मकता के विविध रूपों को साझा मंच प्रदान करते हुए विचारों के आदान-प्रदान और बहुभाषी साहित्यिक संवाद की संभावनाओं का विस्तार किया। महोत्सव ने इस विश्वास को पुनः स्थापित किया कि साहित्य केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने, संवेदनशीलता जगाने और जीवन को समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम भी है। VNI NEWS, LWG LitFest 4.0, Literary Warriors Group, Lucknow literary festival, Neelam Saxena Chandra, Sanjeevani Bhelande, literature, poetry, book launch, cultural events, Uttar Pradesh Metro, LWG LitFest 4.0, LWG LitFest Lucknow, Literary Warriors Group LitFest, Lucknow literary festival, literature and art festival, poetry and cultural events in Lucknow, VNI, VNINews, VNINews.com

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