~गांधीनगर में बालविहार वर्ग के शुभारंभ अवसर पर विधायक रीटाबेन पटेल ने मोबाइल युग में बच्चों को संस्कार, संस्कृति और जीवन-मूल्यों का सुरक्षा-कवच देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Gandhinagar, Gujarat, Aug 09 (VNI): गांधीनगर (उत्तर) की विधायक रीटाबेन पटेल ने कहा कि डिजिटल और मोबाइल के युग में बच्चों को अच्छे संस्कार, आध्यात्मिकता और जीवन-मूल्यों का सुरक्षा-कवच देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से संस्कार एवं आध्यात्मिक शिक्षा से जोड़ने का आह्वान किया।
गांधीनगर के सेक्टर-1 स्थित समदर्शन आश्रम में परम पूज्य गुरुमां समानंद सरस्वती की प्रेरणा से बच्चों में भारतीय संस्कृति, सदाचार, अनुशासन और जीवन-मूल्यों के सिंचन के उद्देश्य से बालविहार वर्ग का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ समारोह में रीटाबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर समदर्शन आश्रम के मैनेजिंग ट्रस्टी किरीटभाई अध्वर्यु तथा बालविहार वर्ग की मुख्य संचालिका प्रकृतिबेन झाला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रीटाबेन पटेल ने कहा कि आज बच्चे छोटी उम्र से ही मोबाइल और सोशल मीडिया के संपर्क में आ रहे हैं। वे इन माध्यमों पर क्या देखते और सीखते हैं, यह हमेशा अभिभावकों के नियंत्रण में नहीं रहता। ऐसे में बच्चों को आधुनिक माध्यमों से पूरी तरह दूर रखने के बजाय उनके भीतर अच्छे संस्कार, आध्यात्मिकता और सामाजिक मूल्यों की मजबूत नींव तैयार करना अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि बचपन में संस्कारों का सिंचन किया जाए तो बच्चा भविष्य में अडिग वटवृक्ष की तरह मजबूत व्यक्तित्व के साथ आगे बढ़ सकता है।
अभिभावकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रत्येक शनिवार बालविहार वर्ग में भेजने के लिए आवश्यकता पड़े तो परिवार की दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार और जीवन-मूल्य भी जरूरी हैं। उन्होंने अपने पुत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वह भी समदर्शन आश्रम के बालविहार वर्ग में आता था और बचपन में सीखे नित्य पाठ आज भी करता है। उन्होंने संचालिका बहनों से बच्चों में सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और संस्कारों की ऐसी मजबूत नींव तैयार करने का आग्रह किया, जो वे देश-विदेश में कहीं भी रहें, जीवनभर उनके साथ बनी रहे।
बालविहार वर्ग में पूर्व में अध्ययन कर चुके और अब युवा हो चुके खुश शाह, जिया खत्री, हिमांशी रावल और अक्षत लिमगांवकर ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बालविहार वर्ग से मिले संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व और जीवन-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य संचालिका प्रकृतिबेन झाला ने भी अपने अनुभव साझा किए। काननबेन पटेल ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा सह-संयोजक मीराबेन, रश्मिताबेन, प्रियंकाबेन और हिरेनभाई गढ़वी का परिचय कराया। प्रथम दिन ही बड़ी संख्या में बच्चे बालविहार वर्ग से जुड़े और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समदर्शन आश्रम में यह बालविहार वर्ग प्रत्येक शनिवार शाम 5:00 से 6:30 बजे तक आयोजित होगा। 5 से 14 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाओं के लिए शुरू किए गए इस वर्ग में भारतीय संस्कृति, सदाचार, अनुशासन, जिम्मेदारी, आध्यात्मिकता और आदर्श जीवन-मूल्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा। पहल का उद्देश्य बच्चों के ज्ञान-विकास के साथ उनके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना है। VNI NEWS, Reetaben Patel, Bal Vihar Class, Samdarshan Ashram, Gandhinagar, Indian Culture, Child Values, Bal Vihar, Child Education, Sanskar, Spirituality, VNINews, VNINews.com

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