~गुजरात ने दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ अवॉर्ड हासिल किया। 4.42 लाख से अधिक पास डिजिटल किए गए।
Gandhinagar, Gujarat, Aug 08 (VNI): गुजरात में सभी दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ने की नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल के लिए भारत सरकार ने राज्य को ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ अवॉर्ड से सम्मानित किया है।
गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (SEMT), गुजरात के सहयोग से दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ा है। इस पहल के बाद दिव्यांगजनों को बस यात्रा के दौरान मूल फिजिकल पास साथ रखने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल में डिजिलॉकर ऐप पर उपलब्ध डिजिटल पास बस कंडक्टर को दिखाकर गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को GSRTC द्वारा संचालित बसों में मुफ्त यात्रा के लिए ‘दिव्यांग बस पास’ जारी किया जाता है। राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं। डिजिलॉकर से जुड़ने के बाद पास के खोने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी नहीं रहेगी और लाभार्थी इसे कभी भी डिजिटल रूप में एक्सेस कर सकेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने कहा कि विभाग द्वारा जारी ‘दिव्यांग बस पास’ पात्र दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में भी कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सभी पास डिजिलॉकर से जोड़ दिए गए हैं और लाभार्थी डिजिलॉकर में उपलब्ध पास दिखाकर GSRTC बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल (IAS) ने कहा कि डिजिलॉकर से जुड़ने के बाद दिव्यांगजनों को मूल फिजिकल पास अपने साथ रखने की आवश्यकता नहीं है। डिजिटल रूप में सुरक्षित रहने के कारण पास खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी दूर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल पेपरलेस और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देती है।
डिजिटल सार्वजनिक सेवा वितरण को मजबूत करने के प्रयासों के तहत भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने राज्य के डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को सुगम बनाया। गुजरात को दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से सफलतापूर्वक जोड़ने के लिए मई 2026 में आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान सम्मानित किया गया।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के टेक्नोलॉजी के माध्यम से शासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के विजन तथा डिजिटल इंडिया के पेपरलेस गवर्नेंस के उद्देश्य को आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार की इस पहल से दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की सुविधा और डिजिटल पहुंच बढ़ी है।
दिव्यांग बस पास धारकों को GSRTC की बसों में मुफ्त यात्रा के अलावा 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच भी मिलता है। पास धारक की दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में उसके नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर संबंधित विभाग के माध्यम से बीमा लाभ प्राप्त करने के पात्र होते हैं। VNI NEWS, Gujarat Divyang Bus Pass, DigiLocker, Digital Governance, Citizen Centric Digital Governance, GSRTC, Gujarat Government, Gujarat, Divyang Bus Pass, Social Justice Department, Digital India, VNINews, VNINews.com
