~गुजरात के राजकोट में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में महिला दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तीकरण, वित्तीय सहायता और डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न हुआ।
Rajkot, Gujarat, Oct 10 (VNI): गुजरात के राजकोट में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में शनिवार को गुजरात लाइवलीहुड प्रमोशन कंपनी लिमिटेड (जीएलपीसी), सहकारिता विभाग और पशुपालन विभाग के बीच महिला दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ।
इस समझौते का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों, राज्य के डेयरी सहकारी ढाँचे और पशुपालन विभाग की तकनीकी सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित कर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर डेयरी उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
इस त्रिपक्षीय समझौते का मुख्य उद्देश्य दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूहों, राज्य के सुदृढ़ डेयरी सहकारी ढाँचे और पशुपालन विभाग की तकनीकी सेवाओं के बीच पारस्परिक समन्वय सुनिश्चित करना है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर महिला डेयरी उत्पादक समूहों और आवश्यकता के अनुसार उत्पादक उद्यमों के रूप में संगठित किया जाएगा।
महिला दुग्ध उत्पादकों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बैंक लिंकेज, संस्थागत ऋण, पशु खरीदने के लिए ऋण, डेयरी से संबंधित उपकरणों और सामग्री तथा बुनियादी सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, पात्रता और निधि की उपलब्धता के आधार पर ब्याज सहायता का लाभ प्राप्त करने के लिए भी महिलाओं को मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे डेयरी व्यवसाय शुरू करने और उसका विस्तार करने में सहायता मिल सके।
पशुपालन विभाग द्वारा महिला दुग्ध उत्पादकों को संतुलित पशु आहार, टीकाकरण, कृमिनाशक उपचार, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और पशु स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। विभाग उपयुक्त पशुओं के चयन और आजीविका नियोजन के लिए तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगा। वहीं, सहकारिता विभाग के नेटवर्क के माध्यम से महिला दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मंडलियों और जिला दुग्ध संघों से जोड़ा जाएगा। जीएलपीसी महिलाओं की पहचान, ऋण संबंधी मार्गदर्शन और उत्पादक समूहों को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी निभाएगी।
इस पहल के अंतर्गत महिला समूह पशु आहार की सामूहिक खरीद, दूध का एकत्रीकरण, गुणवत्ता में सुधार, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण और सामूहिक विपणन जैसी मूल्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेंगे। इससे महिलाओं की भागीदारी केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे डेयरी व्यवसाय की विभिन्न गतिविधियों और विपणन प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य और जिला स्तर पर समन्वय एवं निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और योजना के निर्धारित उद्देश्यों की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा करने की व्यवस्था की जाएगी।
इस अवसर पर कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, संस्थागत ऋण और डेयरी सहकारी ढाँचे के त्रिवेणी संगम से ग्रामीण महिला उद्यमशीलता को नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य देखभाल और मूल्यवर्धन के माध्यम से महिलाओं की आय में सतत वृद्धि करना राज्य सरकार का मुख्य संकल्प है।
मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की पशुपालन गतिविधियों में सक्रियता बढ़ेगी और संस्थागत ऋण तक उनकी पहुँच आसान होगी। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकता और दूध की गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय में सतत वृद्धि करने में मदद मिलेगी। VNI NEWS, Rajkot, Gujarat, Bhupendra Patel, Women Dairy Producers, GLPC, Dairy Cooperatives, Animal Husbandry Department, DAY-NRLM, Women Empowerment, Rural Livelihood, महिला दुग्ध उत्पादक सशक्तीकरण, महिला डेयरी उद्यमी, राजकोट एमओयू, गुजरात डेयरी सहकारिता, Gujarat Women Dairy Producers, Women Dairy Entrepreneurship, GLPC Tripartite MoU, VNINews, VNINews.com
