~गांधीनगर में राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में प्राकृतिक कृषि के विस्तार पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Gandhinagar, Gujarat, July 18 (VNI): गुजरात के गांधीनगर स्थित लोकभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत की अध्यक्षता में शनिवार को प्राकृतिक कृषि के विस्तार को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन को संस्थागत रूप से अधिक प्रभावी बनाने तथा वैज्ञानिक आधार पर इसके विस्तार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में कृषि मंत्री जीतुभाई वाघाणी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एम.एल. जाट, लोकभवन के अग्र सचिव अशोक शर्मा, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, गुजरात प्राकृतिक कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति तथा आईसीएआर, कृषि विभाग और आत्मा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन को किसानों तक व्यापक स्तर पर पहुंचाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण, जल संकट और भूमि की घटती उर्वरता के कारण प्राकृतिक खेती आज विश्व की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि इस मिशन को आईसीएआर के माध्यम से वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ आगे बढ़ाया जाए तो देश का अंतिम किसान भी इसे आसानी से अपनाएगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में राज्यपाल रहते हुए प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों की संख्या 35 हजार से बढ़कर 2.5 लाख से अधिक होने का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने की आवश्यकता बताई।
कृषि मंत्री जीतुभाई वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार सभी विभागों के समन्वय से प्राकृतिक कृषि मिशन को और अधिक गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। आईसीएआर के महानिदेशक एम.एल. जाट ने कृषि विश्वविद्यालयों से किसानों की सफलता की कहानियों, विभिन्न प्रकार की भूमि और फसल प्रणालियों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों के उन्नयन तथा प्राकृतिक अन्न की गुणवत्ता पर कृषि एवं स्वास्थ्य विज्ञान के संयुक्त अनुसंधान की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में रासायनिक खेती से भूमि की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव, सब-सॉयल कॉम्पैक्शन, कार्बन की कमी और मानव स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात में वर्तमान में 8 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं, जिससे हजारों मीट्रिक टन यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी आई है। VNI NEWS, Acharya Devvrat, Natural Farming, Gujarat, ICAR, Jitubhai Vaghani, Agriculture, National Natural Farming Mission, Natural Farming Gujarat, VNINews, VNINews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *