~कच्छ के माधापर स्थित श्री वर्धमाननगर जैन संघ में जैनाचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर म.सा. की निश्रा में शास्त्रीय जोटो सामायिक का आयोजन हुआ। आचार्य ने तप, जप और सिद्धितप अभियान का संदेश दिया।
Madhapar, Kutchh, Gujarat, July 11 (VNI): कच्छ के श्री माधापर-भुजोड़ी हाईवे स्थित श्री वर्धमाननगर (साउथ) जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ में शनिवार को जैनाचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर म.सा. की निश्रा में भव्य शास्त्रीय जोटो सामायिक का आयोजन किया गया। श्री विमलनाथ जिनालय से सफेद वस्त्रों में सुसज्जित आराधकों ने बाजे-गाजे के साथ शोभायात्रा निकालते हुए श्री अचलगच्छ उपाश्रय पहुंचकर सामायिक की आराधना की।
अपने प्रवचन में पूज्य आचार्य ने भगवान वर्धमान के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे न स्वयं किसी से डरते थे और न ही किसी को डराते थे। उन्होंने श्री भुज तपगच्छ जैन संघ द्वारा संचालित तप, जप और खप अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि ‘हर घर सिद्धितप, घर-घर सिद्धितप’ अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सिद्धपद की साधना से जोड़ना है। उन्होंने प्रत्येक घर में एक लाख नवकार मंत्र के जाप तथा जिनवाणी के श्रवण का आह्वान किया।
कार्यक्रम में गुरु भगवंत के आशीर्वाद स्वरूप ‘सिद्धितप’ पास प्राप्त करने के लिए बच्चे, युवा और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहित दिखाई दिए। सामायिक के आराधकों को 150 रुपये की प्रभावना भी प्रदान की गई।
आचार्य श्री ने भूकंप के बाद अमेरिका की ‘जैना’ (JAINA) संस्था के सहयोग से निर्मित वर्धमान विद्यालय के विद्यार्थियों को भी ‘वर्धमान’ शब्द का महत्व समझाया। बताया गया कि पूज्य गुरु भगवंत अब तक 200 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में प्रेरक प्रवचन दे चुके हैं। उनका आगामी प्रवास रविवार, सोमवार और मंगलवार को भुज जैन आराधना भवन संघ में रहेगा। VNI NEWS, Madhapar, Kutch, Jain Samayik, Rashmiratna Surishwar, Siddhitap, Jain Religion, Gujarat

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