~भुज में आचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर ने स्वतंत्रता संग्राम के भूले-बिसरे प्रसंगों और जैन समाज के योगदान को याद किया। चातुर्मास के दौरान विशेष प्रवचन और आध्यात्मिक शिविर आयोजित हुए।
Bhuj, Kutchh, Gujarat, Aug 16 (VNI): श्री भुज तपगच्छ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में आयोजित ‘गुणरत्नाकर आध्यात्मिक गुणवर्धक चातुर्मास’ के अंतर्गत 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आचार्य रश्मिरत्न सूरीश्वर म.सा. ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के भूले-बिसरे महत्वपूर्ण प्रसंगों और जैन समाज के योगदान को प्रस्तुत किया।
आचार्य श्री ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में जैन समाज के अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लाला हुकमचंद जैन, बीकानेर के क्रांतिवीर अमरचंद बांठिया, गरबड़दास सेठ सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख किया। उन्होंने जितारीचंद भंसाली, रामचंद्र जैन, मोहनसिंह डागा, अन्ना पत्रावले, गोपीलाल जैन, बाबूलाल जैन, नाहरसिंह, शामलदास सेठ, जीवनलाल प्रतापशी, निहालचंद जवेरी, सेठ माणेकचंद, मोतीचंद जैन और मगनलाल वणिक जैसे सेनानियों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी गोपीलाल जैन के सम्मान में भारत सरकार ने वर्ष 2010 में डाक टिकट भी जारी किया था। इस अवसर पर 20 विहरमान परमात्माओं के मोक्ष कल्याणक दिवस का भी स्मरण किया गया।
रात्रि प्रवचन में ‘भगवान महावीर, महाभारत और नोस्ट्राडेमस की भविष्यवाणी’ विषय पर विशेष प्रवचन हुआ। संघ अध्यक्ष कीर्तिभाई शाह ने बताया कि सुबह 8 से 10 बजे तक तीसरी ‘जेन जी’ (Gen Z) आध्यात्मिक शिविर आयोजित हुई, जिसमें ‘फाइव मर्डर्स और लाख रुपये की सीख’ विषय पर सत्र हुआ।
दोपहर 3:30 बजे ‘सीताजी के पदचिन्हों पर और भारतीय विवाह विधि के रहस्य’ विषय पर सार्वजनिक प्रवचन आयोजित किया गया। चातुर्मास के दौरान धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विषयों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन जारी है। VNI NEWS, Rashmiratna Surishwar, Bhuj Jain Samaj, Jain Community, Freedom Struggle, Indian Independence, Jain Freedom Fighters, Bhuj Chaturmas, Gujarat Jain Community, Independence Day 2026, Jain community contribution to freedom struggle, VNINews, VNINews.com
