~गुजरात के महीसागर, आणंद, अहमदाबाद और पंचमहाल के 10 खरीद केंद्रों पर धान सैंपल जांच के लिए 10 AI-बेस्ड ग्रेन एनालाइजर लगाए गए हैं।

Gandhinagar, Gujarat, Sep 07 (VNI): गुजरात के चार जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर धान (पैड्डी) के सैंपल की जांच के लिए 10 AI-बेस्ड ग्रेन एनालाइजर लगाए गए हैं। यह पहल धान की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है।
गुजरात राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, गांधीनगर ने सोमवार को बताया कि राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी की खरीद सर्वेइंग-ग्रेडिंग एजेंसी के ग्रेडरों के माध्यम से की जाती है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमणभाई सोलंकी के मार्गदर्शन में खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए उपजाऊ एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, गांधीनगर के माध्यम से खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2025-26 के तहत महीसागर, आणंद, अहमदाबाद और पंचमहाल जिलों के 10 खरीद केंद्रों पर AI-बेस्ड ग्रेन एनालाइजर लगाए गए हैं।
इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत महीसागर जिले के लुणावाडा में 2,278 और संतरामपुर में 1,246, आणंद जिले के खंभात में 2,663 और बोरसद में 884, अहमदाबाद जिले के धोलका में 1,000, बावळा में 909, वीरमगाम में 1,078 और साणंद में 1,288 तथा पंचमहाल जिले के गोधरा में 986 और शेहरा में 1,002 पंजीकरण हुए हैं। इन 10 केंद्रों पर कुल 13,334 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।
निगम के अनुसार, AI ग्रेन एनालाइजर के माध्यम से अब तक कुल 6,191 सैंपल का पृथक्करण किया गया है। इनमें 3,379 यानी 54.6 प्रतिशत सैंपल ग्रेड-ए (GA) और 2,812 यानी 45.4 प्रतिशत कॉमन (CM) पाए गए, जबकि 341 सैंपल रिजेक्ट हुए। धोलका में सर्वाधिक 24 प्रतिशत रिजेक्शन दर्ज हुआ, जबकि वीरमगाम में रिजेक्शन शून्य प्रतिशत रहा। AI मशीन के जरिए फॉरेन मैटर, डैमेज्ड/डिसकलर्ड ग्रेन्स, इम्मेच्योर/श्रंकन ग्रेन्स, एडमिक्सचर और मॉइस्चर की जांच की जाती है। इसके लिए लगातार बिजली और प्रत्येक केंद्र पर एक व्यक्ति की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, निगम की मौजूदा थर्ड-पार्टी पद्धति में दो व्यक्ति बिना बिजली के भी आवश्यक वैज्ञानिक उपकरणों के जरिए सैंपलिंग और ग्रेडिंग करते हैं।
गुजरात राज्य नागरिक आपूर्ति निगम गेहूं, चावल, धान, बाजरा, ज्वार, रागी, अरहर दाल, चना, मूंगफली तेल, डबल फोर्टिफाइड नमक और व्हाइट शुगर (M-30) जैसी विभिन्न वस्तुओं की खरीद और वितरण करता है। गेहूं-चावल की खरीद FCI के मानदंडों के अनुसार तथा MSP अनाज की खरीद केंद्र सरकार के यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन के अनुसार की जाती है। अरहर दाल, चना, खाद्य तेल, चीनी और डबल फोर्टिफाइड सॉल्ट के लिए निगम ने FSSAI के मानदंडों से भी अधिक कड़े गुणवत्ता मानदंड निर्धारित किए हैं। अरहर दाल और चने की सप्लाई के दौरान ट्रकों को सिंगल-यूज वायर सील से सील कर गोदाम भेजा जाता है और गोदाम मैनेजर द्वारा लिए गए सैंपल का निगम की क्वालिटी कंट्रोल (QC) शाखा के माध्यम से FRL में 100 प्रतिशत क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाता है। पृथक्करण के लिए IS:4333 (Part-I एवं Part-II):2018 तथा IS:2813:2015 पद्धतियों का उपयोग किया जाता है।
निगम ने कहा कि AI-आधारित तकनीक और 100 प्रतिशत क्रॉस-वेरिफिकेशन की इस कड़ी व्यवस्था से योजना के लाभार्थियों तक मिलावट रहित, स्वच्छ और बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास भी और मजबूत होगा। VNI NEWS, Gujarat, Paddy Procurement, AI Grain Analyzer, MSP, KMS 2025-26, Gujarat State Civil Supplies Corporation, Grain Quality Testing, Paddy Samples, Food Quality, Public Distribution System, AI-Based Grain Analyzer, Paddy Sample Testing, MSP Procurement Gujarat, VNINews, VNINews.com

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