~गुजरात भारत का पहला राज्य बना जिसने स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम शुरू किया। जीबीआरसी खिलाड़ियों की आनुवंशिक, शारीरिक और खेल प्रदर्शन संबंधी विशेषताओं का अध्ययन करेगा।
Gandhinagar, Gujarat, Aug 28 (VNI): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने शुक्रवार को यहां कहा कि स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम शुरू करने वाला गुजरात भारत का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के विकास में विज्ञान का नया आयाम जोड़ने की पहल के तहत गुजरात ने यह कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों की आनुवंशिक, शारीरिक और खेल प्रदर्शन से जुड़ी विशेषताओं को वैज्ञानिक तरीके से समझना है।
श्री मोढवाडिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी) ने यह पहल की है। जीनोमिक्स को स्पोर्ट्स साइंस, फिजियोलॉजी और पोषण विज्ञान से जोड़कर खेल प्रतिभा की पहचान और विकास के लिए अधिक वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण विकसित करना इसका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि जीबीआरसी ने विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के सैंपल एकत्र करना शुरू कर दिया है। पहले चरण में गुजरात स्टेट टेनिस एसोसिएशन (जीएसटीए) के खिलाड़ियों के सैंपल लिए गए हैं, जबकि अगले चरण में विजयी भारत फाउंडेशन के तीरंदाजी, फेंसिंग, जूडो और शूटिंग खिलाड़ियों के सैंपल लिए जाएंगे। चालू वर्ष में कुल 2,000 सैंपल एकत्र कर उनका विश्लेषण करने का लक्ष्य है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती ने कहा कि परंपरागत रूप से खेल प्रतिभा की पहचान शारीरिक मापदंडों, कोचिंग मूल्यांकन और ट्रायल के प्रदर्शन के आधार पर होती है, जबकि प्रस्तावित मॉडल में आनुवंशिक एवं जैविक जानकारी को भी शामिल कर खिलाड़ियों की व्यापक प्रोफाइल तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें पावर, एंड्यूरेंस, चोट के जोखिम, व्यायाम के प्रति प्रतिक्रिया के साथ न्यूट्रीजीनोमिक्स, लाइफस्टाइल जीनोमिक्स, व्यक्तित्व संबंधी लक्षण और सर्केडियन रिदम्स जैसे पहलुओं का अध्ययन प्रस्तावित है।
गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी मिशन के मिशन डायरेक्टर दिग्विजयसिंह जाडेजा ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की होल-जीनोम सीक्वेंसिंग कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगी। शोधकर्ता खेल प्रदर्शन से जुड़े आनुवंशिक मार्कर्स की पहचान एवं वैधीकरण तथा खेलों के दौरान होने वाली चोटों से जुड़े संभावित आनुवंशिक कारकों का अध्ययन करेंगे। कार्यक्रम में एथलेटिक्स, स्विमिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, ताइक्वांडो, जिम्नास्टिक्स, फेंसिंग, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, शूटिंग और शतरंज सहित विभिन्न खेलों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में 14 वर्ष से कम, 14 से 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ियों को शामिल करने की योजना है। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्तावित गुजरात एथलीट जीनोम डेटाबेस (जी-एजीडी) में आनुवंशिक, शारीरिक और खेल प्रदर्शन से संबंधित जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। इसके माध्यम से भविष्य में खिलाड़ियों की प्रोफाइलिंग, प्रतिभा पहचान, चोट जोखिम आकलन, रिकवरी रणनीतियों तथा व्यक्तिगत प्रशिक्षण और पोषण कार्यक्रमों के लिए वैज्ञानिक आधार तैयार किया जा सकता है।
श्री मोढवाडिया ने कहा कि वर्ष 2030 में गुजरात कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियां कर रहा है, ऐसे समय में इस पहल का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल प्रदर्शन केवल आनुवंशिकता पर निर्भर नहीं करता; प्रशिक्षण, कोचिंग, पोषण, बुनियादी ढांचा, सामाजिक सहयोग और पर्यावरणीय कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार किसी एक ‘स्पोर्ट्स जीन’ से खिलाड़ी की सफलता तय नहीं होती, बल्कि खेल प्रदर्शन कई आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों का जटिल परिणाम है।
जीबीआरसी के पास सैंपल प्रोसेसिंग, सीक्वेंसिंग और डेटा विश्लेषण के लिए आवश्यक वैज्ञानिक ढांचा उपलब्ध है, जिसमें NovaSeq 6000, GridION, PromethION, Illumina iScan, Illumina DRAGEN और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधाएं शामिल हैं। आनुवंशिक जानकारी की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यक्रम में टू-लेवल बारकोडिंग सिस्टम के माध्यम से खिलाड़ियों की पहचान सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के आगे बढ़ने के साथ सूचित सहमति, डेटा सुरक्षा और स्पष्ट गवर्नेंस व्यवस्था सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा। VNI NEWS, Gujarat Sports Genomics Program, Sports Genomics Gujarat, Arjun Modhwadia, GBRC, Gujarat Biotechnology Research Centre, Athlete Genome Database, Gujarat, Sports Genomics, Sports Science, Biotechnology, Athlete Genome, Gujarat Government, VNINews, VNINews.com
